फिल्म की कहानी तो वही पुरानी है कि कैसे एक भ्रष्ट पुलिस अफसर अपने साथ होनेवाली ट्रैजिडी के बाद ईमानदार पुलिस अफसर में तब्दील होकर अपने पुराने पाप धोना चाहता है। अनाथ सिंबा उर्फ संग्राम भालेराव ने बचपन में ही सीख लिफिल्म की कहानी तो वही पुरानी है कि कैसे एक भ्रष्ट पुलिस अफसर अपने साथ होनेवाली ट्रैजिडी के बाद ईमानदार पुलिस अफसर में तब्दील होकर अपने पुराने पाप धोना चाहता है। अनाथ सिंबा उर्फ संग्राम भालेराव ने बचपन में ही सीख लिया था कि पैसे कमाने के लिए पावर की जरूरत होती है और इसीलिए वह पुलिस अफसर बनने का रास्ता चुनता है। नाइट स्कूल में पढ़-लिखकर वह एक ऐसा पुलिस वाला बन जाता है, जो बेईमानी भी पूरी ईमानदारी से करता है। या था कि पैसे कमाने के लिए पावर की जरूरत होती है और इसीलिए वह पुलिस अफसर बनने का रास्ता चुनता है। नाइट स्कूल में पढ़-लिखकर वह एक ऐसा पुलिस वाला बन जाता है, जो बेईमानी भी पूरी ईमानदारी से करता है।