जम्मू-कश्मीर,हिमाचल से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक कुदरत का कहर


जम्मू-कश्मीर,हिमाचल से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक कुदरत का कहर

मनोज बिसारिया | 27 Aug 2025

 

नई दिल्ली।क्या पहाड़ क्या मैदान,कुदरत ने हर जगह तबाही मचा रखी है।बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने लोगों की जान मुश्किल में डाल दी है।जम्मू में इतनी बारिश हुई है कि सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं।जम्मू के कई शहर पानी-पानी हैं।हिमाचल प्रदेश में भी मौसम की मार है तो अरुणाचल में सड़कों पर चट्टानें बरसी हैं।

वैष्णो देवी भवन के रास्ते में हुए लैंडस्लाइड में मरने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर 30 हो गई है,इनमें से बीस श्रद्धालुओं की पहचान कर ली गई है जबकि बाकी शवों के आईडेंटिफिकेशन का काम जारी है। मृतकों में 11 महिलाएं और 2 बच्चियां शामिल हैं।कल अर्धकुंवारी के पास लैंडस्लाइड के चपेट में कई श्रद्धालु आ गए जहां मलबे में दबकर कई श्रद्धालुओं की मौत हो गई तो कई श्रद्धालुओं का इलाज जारी है।फिलहाल वैष्णो देवी यात्रा स्थगित कर दी गई है और रास्ता खोलने की तैयारी की जा रही है।

जम्मू कश्मीर के डोडा में बादलों ने कहर बरपाया है।बादल फटने के बाद तबाही का मंजर देखा जा सकता है। कई मकान बह गए और चार लोगों की जान चली गई। पानी इतने तेज वेग से बहा कि अपने साथ दर्जनों मकान और लोगों को भी बहा ले गया।इन तस्वीरों ने लोगों के मन में दहशत भर दी है

डोडा के खारा चारवाह इलाके में खतरे का सायरन बज रहा है ताकि लोग सुरक्षित जगहों पर चले जाएं।सुरक्षाकर्मी घर-घर जाकर लोगों को निकाल रहे हैं।इलाके में भूस्खलन हुआ है, पुल बहने की आशंका है और कई घर तबाह हो गए हैं।अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।पानी के प्रकोप में कई घर ढह गए और बह गए हैं।

डोडा के साथ-साथ पूरा जम्मू त्राहि-त्राहि कर रहा है। कई शहरों में इतना पानी बरसा है कि हालात बिगड़ गए हैं।सड़कों पर सैलाब उमड़ आया है, नदियां उफान पर हैं और घरों में पानी घुस गया है।

जम्मू के सुजवान इलाके में बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुस आया है,चारों तरफ सैलाब ही सैलाब है,जहां मैदान थे वहां समंदर जैसा नजारा है।तवी नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है और उसका तेवर लोगों के जीवन पर भारी पड़ रहा है।तवी पर बने पुल थरथरा रहे हैं।जम्मू रेलवे स्टेशन पर इतना पानी भर गया कि बसें और कारें डूब गईं।जम्मू में तवी नदी के तेज बहाव में एक पुल का हिस्सा धंस गया।कई गाड़ियां उसमें गिर गईं और चारों ओर अफरा-तफरी मच गई।

किश्तवाड़ में भी बादल फटा है,यहां भी बर्बादी की तस्वीरें सामने आई हैं।देखते ही देखते एक पुल नदी में समा गया। अखनूर में भी चिनाब नदी उफान पर है।सुरक्षाकर्मी अनाउंसमेंट करके लोगों से सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील कर रहे हैं।

ऊधमपुर में भी बादलों ने तबाही मचाई है।मूसलाधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। कठुआ में सेवा नदी उफान पर है। भद्रवाह में भी जोरदार बरसात के बाद पानी ने खतरनाक रुख अख्तियार किया है।एनएच-44 पर भूस्खलन के कारण सड़कों पर तबाही का मंजर है।

गाड़ीगढ़ में कुछ लोग पानी के बीच फंस गए,जिन्हें आर्मी के जवानों ने सुरक्षित निकाला।उधमपुर में हाइवे किनारे एक पेट्रोल पंप के पास इमारत ढह गई और मलबे में पेट्रोल पंप दब गया।गनीमत रही कि हादसे में बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

अरुणाचल प्रदेश के तवांग ज़िले में भूस्खलन के कारण बड़ी चट्टानें सड़कों पर आ गिरीं,कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं,हालांकि किसी की मौत की खबर नहीं है।दिरांग कैंप और न्युकदुंग के बीच बालीपारा-चारिद्वार-तवांग राष्ट्रीय राजमार्ग पर यह हादसा हुआ।फिलहाल सड़क को साफ करने का काम जारी है और प्रशासन ने अपील की है कि लोग इस मार्ग पर यात्रा न करें।

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से तबाही मची है।भूस्खलन और फ्लैश फ्लड से सड़कें टूट गई हैं और कई होटल-इमारतें बह गईं हैं।मंगलवार सुबह तक राज्य में 690 सड़कें बंद हो गईं हैं। 20 जून से 25 अगस्त के बीच हिमाचल में बारिश से जुड़े हादसों में 156 लोगों की मौत हो चुकी है और 38 लापता हैं।


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