काशी में घट रहा गंगा का जलस्तर,बाढ़ में फंसे कानपुर, प्रयागराज और मथुरा


काशी में घट रहा गंगा का जलस्तर,बाढ़ में फंसे कानपुर, प्रयागराज और मथुरा

धनंजय सिंह | 30 Aug 2025

 

लखनऊ।उत्तर प्रदेश के कई शहर पिछले कई सप्ताह से बाढ़ का कहर झेल रहे हैं,जिसमें मथुरा,प्रयागराज,कानपुर और काशी में सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जिलों में जहां गंगा और यमुना का जलस्तर कम हो रहा है तो वहीं अभी भी एक-दो जिलों में जलस्तर बढ़ रहा है। कारण भारी बारिश और बैराजों से छोड़ा जा रहा पानी है।तटीय इलाकों में रह रहे लोगों को नदी के पास के इलाकों से हटाकर ऊंचे इलाकों पर भेजा गया है।नदियों पर बने पुल ये यातायात भी बंद किए गए हैं। 

मथुरा में अभी भी बढ़ रहा जलस्तर

मथुरा में यमुना का एक बार फिर जलस्तर बढ़ गया है। प्रतिदिन यमुना के बढ़ते जलस्तर का शुक्रवार को वेग तेज हो गया।जहां एक ओर यातायात अवरुद्ध हुआ है तो वहीं पशुपालकों के सामने चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। किसानों की फसल बर्बाद हो गई है,ज्वार,बाजरा,धान आदि खरीफ की फसलें तबाह हो गई है।छिनपारई गांव में भी बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। यमुना का जलस्तर बढ़ने से नौहझील-शेरगढ़ मार्ग पर आवागमन बंद है।चौपहिया वाहन चालकों को बाढ़ के पानी से निकालने के लिए ट्रैक्टर के पीछे ट्रॉली लगाकर लोग चौपाहिया वाहनों को निकाल रहे हैं। चौपहिए वाहन को निकालने का चार्ज लगभग 300 रुपए है तो वही बाइक निकालने का चार्ज 50 रुपये है।

प्रयागराज में घट रहा गंगा-यमुना का जलस्तर

प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर घटना शुरू होने के बाद भी शहरियों में दहशत हैं।लोगों का कहना है कि अभी जलस्तर के कम होने की रफ्तार धीमी है ऐसे में फिर बाढ़ आ सकती है। शुक्रवार सुबह यमुना के जलस्तर में कमी दर्ज की गई, जो बीते 24 घंटों में 24 सेंटीमीटर थी। वहीं गंगा के जलस्तर तीन सेंटीमीटर बढ़ा था।दोपहर बाद गंगा का जलस्तर घटना शुरू हुआ। शाम चार बजे फाफामऊ में गंगा के जलस्तर में आठ सेमी कमी दर्ज की गई तो छतनाग में छह सेमी की और नैनी में यमुना के जलस्तर में 19 सेमी की कमी दर्ज की गई।

कानपुर और फर्रुखाबाद में गंगा के जलस्तर में नहीं आ रही कमी,खतरा बरकरार

गंगा नदी के जलस्तर में कोई कमी नही आ रही है। पिछले बीस दिनों से गंगा लगातार कहर बरपा रही है। इससे हजारों की आवादी प्रभावित है।शुक्रवार शाम को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर स्थिर रहा।गंगा के जलस्तर में कमी आने से गंगापार के क्षेत्र में राहत है। बीस दिन बीत चुके हैं।गंगा का रौद्र रूप कम नही हो रहा है। शमसाबाद क्षेत्र के कटरी तौफीक झौआ, रूपपुर मंगलीपुर, वाजीदपुर, समेचीपुार चितार, बांसवखेड़ा, शरीफपुर छिछनी आदि गांव में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। चौरा गांव से शरीफपुर छिछनी के बीच पुलिया पर पानी का तेज बहाव चल रहा है।

काशी में खतरा निशान के बेहद करीब पहुंचकर घटने लगी गंगा

गंगा का जलस्तर शुक्रवार दोपहर बाद खतरे के निशान से चंद कदम दूर से ही घटने लगा है।शाम 6 बजे घटाव की रफ्तार एक सेमी प्रति घंटा थी। इससे पूर्व जलस्तर 71 मीटर पर पहुंच गया था। जबकि खतरे का निशान 71.262 मीटर पर है। सुबह 6 बजे से जलस्तर स्थिर हो गया था। गंगा में घटाव से  तटीय क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं वरुणा किनारे के लोगों को भी सुकून मिला है। हालांकि अभी तक कई गांव पानी से घिरे हैं और फसलें जलमग्न हैं।


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