नई दिल्ली।साल 2020 के दिल्ली दंगा केस में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सोमवार को इनकार कर दिया।कोर्ट ने साथ ही अपने फैसले में आरोपियों के एक साल तक अपील करने पर भी रोक लगा दी।न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ ने इस मामले में 10 दिसंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।फिलहाल इस मामले में कोर्ट ने सोमवार को 5 आरोपियों गुलफिशा फातिमा,मीरान हैदर, शिफा उर रहमान,मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दी है।सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।
सीएम रेखा ने फैसले का किया स्वागत
दिल्ली विधानसभा के चार दिवसीय शीतकालीन सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मीडिया से बातचीत में कहाकि कोर्ट द्वारा दिल्ली दंगों के आरोपी शरजील इमाम और उमर खालिद की जमानत याचिकाएं खारिज किए जाने के फैसले का हम स्वागत करते हैं। सीएम रेखा ने कहा कि जिन लोगों ने दिल्ली को दंगों की आग में झोंकने का काम किया,उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।जिन राजनीतिक दलों ने समर्थन या संरक्षण दिया,उन्हें भी कड़ा संदेश जाना चाहिए।
एक सोची-समझी साजिश का नतीजा
कानून मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि कोर्ट के फैसले ने यह फिर से साबित कर दिया है कि दंगे एक सोची-समझी साजिश का नतीजा थे।दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि कोर्ट का यह आदेश देश के खिलाफ काम करने वालों के लिए एक मिसाल बनेगा।
कड़ा संदेश देने के लिए कोर्ट का धन्यवाद
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दंगाइयों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।सिरसा ने कड़ा संदेश देने के लिए कोर्ट का धन्यवाद किया।
कांग्रेस नेता ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया
कांग्रेस नेता उदित राज ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उदित राज ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सुप्रीम कोर्ट ने शरजील और उमर की जमानत याचिका खारिज कर दी है।बीजेपी ने कोर्ट के इस फैसले को कांग्रेस के मुंह पर बड़ा तमाचा' करार दिया है और साथ ही विपक्षी पार्टी से टुकड़े-टुकड़े गैंग का समर्थन करने के लिए माफी मांगने की भी मांग की।