दिल्ली चिड़ियाघर में मिर्च पाउडर से सियार की हुई मौत,कर्मचारी यूनियन का चौंकाने वाला दावा


दिल्ली चिड़ियाघर में मिर्च पाउडर से सियार की हुई मौत,कर्मचारी यूनियन का चौंकाने वाला दावा

मनोज बिसारिया | 14 Jan 2026

 

नई दिल्ली।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के नेशनल जूलॉजिकल पार्क (चिड़ियाघर) के कर्मचारियों की यूनियन ने चिड़िया घर में एक सियार की मौत होने को लेकर पार्क प्रबंधन पर बड़ा आरोप लगाया है।यूनियन का कहना है कि प्रबंधन की लापरवाही से पिछले महीने यहां अपने बाड़े से भागे एक सियार की मौत हुई है। यूनियन ने दावा किया कि सियार की मौत मिर्च पाउडर और आग के धुएं से दम घुटने से हुई है। 

यूनियन ने कहा कि यह घटना पिछले महीने उस समय हुई थी जब सियार हिमालयी काले भालुओं के आराम करने के लिए बनाई गई एक मांद में छुप गया था,जिसके बाद उसे बाहर निकालने के लिए स्टाफ ने मिर्च पाउडर और आग का इस्तेमाल किया था,ऐसे में दम घुटने से वह अंदर ही मर गया। हालांकि पार्क के निदेशक संजीव कुमार ने ऐसी किसी घटना के होने से इनकार किया है और कहा है कि पार्क में सियारों की संख्या बराबर है।

यूनियन के सदस्यों ने बताया कि सियार को आखिरी बार 14 दिसंबर को देखा गया था,जिसके बाद अधिकारियों ने उसे किसी भी तरह से पकड़ने का आदेश दिया था। फिर भालू की आरामगाह में घुसे उस सियार को बाहर निकालने के लिए मांद के प्रवेश द्वार पर आग जलाकर मिर्च पाउडर डाला गया। हालांकि, सियार बाहर नहीं निकल पाया और दम घुटने से मर गया।

यूनियन के सदस्यों ने बताया कि 4 दिन बाद जब 18 दिसंबर को अंदर से शव की बदबू आई, तो एक केयरटेकर ने जानवर को मरा हुआ और आंशिक रूप से जला हुआ पाया। इसके बाद यूनियन ने जू प्रशासन पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि सियार के शव को चिड़ियाघर के पशु चिकित्सकों को सूचित किए बिना और अनिवार्य प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए पोस्टमार्टम किए बिना ठिकाने लगा दिया गया।

इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली जूलॉजिकल पार्क के निदेशक संजीव कुमार ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में 12 जनवरी को ही आया है। उन्होंने कहा कि मुझे पहले ऐसी किसी घटना की सूचना नहीं दी गई थी। संयुक्त निदेशक से इस आरोप की जांच करने के लिए कहा गया है। चिड़ियाघर की इन्वेंट्री और डिस्प्ले व होल्डिंग एरिया में सियारों की संख्या फिलहाल बराबर दिख रही है।

इस मामले को लेकर कर्मचारी यूनियन ने सोमवार को पर्यावरण,वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को एक पत्र लिखा,जिसमें उसने अदालत की निगरानी में मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की।यूनियन ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के प्रभारी रेंजर ने जानवरों को बचाने और नियंत्रित करने के मानवीय तरीकों को अपनाने की बजाय एक गैर कानूनी तरीके को अपनाया। यूनियन ने यह भी दावा किया कि निदेशक को भी घटना की जानकारी थी,लेकिन वह इस काम को रोकने या कानूनी कार्रवाई करने में विफल रहे।


add

अपडेट न्यूज


भारत से सुपरहिट
Beautiful cake stands from Ellementry

Ellementry

© Copyright 2019 | Vanik Times. All rights reserved