नई दिल्ली।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लोगों को हवा की दिशा बदलने और रफ्तार तेज होने से जहरीली हवा से राहत मिली है।बुधवार को भी हवा बेहद खराब श्रेणी में रही।एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक बुधवार सुबह दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 343 दर्ज किया गया है,जो बेहद खराब श्रेणी में आता है।मंगलवार को एक्यूआई 378 दर्ज किया गया था।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक अलीपुर में 343,आनंद विहार में 388,अशोक विहार में 372, आयानगर में 285, बवाना में 383, बुराड़ी में 340, और चांदनी चौक इलाके में 369 एक्यूआई दर्ज किया गया है।
डीटीयू इलाके में 348, द्वारका सेक्टर-8 में 376, आईजीआई एयरपोर्ट टी3 में 287, आईटीओ में 369, जहांगीरपुरी में 393, लोधी रोड में 288, मुंडका में 380, नजफगढ़ में 271, नरेला में 355, पंजाबी बाग में 374, आरकेपुरम में 377, रोहिणी में 389, सोनिया विहार में 366, विवेक विहार में 369, और वजीरपुर में 386 एक्यूआई दर्ज किया गया है।
बता दें कि अगर हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है।वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है। 101-200 का मतलब वायु प्रदूषण का स्तर मध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब और 301 से 400 के बीच का अर्थ वायु गुणवत्ता की बेहद खराब श्रेणी को दर्शाता है। 401 से 500 की श्रेणी में वायु की गुणवत्ता गंभीर बन जाती है। ऐसी स्थिति में इंसान की सेहत को नुकसान पहुंचता है। पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह जानलेवा है।