पूरे देश में हो रहा ब्राह्मणों का अपमान:ब्राह्मणों के सम्मान में, मायावती मैदान में,वेब सीरीज घूसखोर पंडत पर रोक लगाने की मांग की
धनंजय सिंह | 06 Feb 2026
लखनऊ।वेब सीरीज घूसखोर पंडत पर अब सियासत भी गरमाने लगी है। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती भी इस वेब सीरीज विवाद में कूद गई हैं।मायावती ने इसे ब्राह्मण समाज के अपमान से जोड़ते हुए फिल्मकारों पर तीखा हमला बोला है।मायावती ने आरोप लगाया कि सोची-समझी रणनीति के तहत फिल्मों में पंडित को घुसपैठिया बताकर पूरे समाज का अनादर किया जा रहा है।उससे समूचे ब्राह्मण समाज में जबरदस्त रोष व्याप्त है। हमारी पार्टी इसकी कड़े शब्दों में निंदा करती है।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह बड़े दुख और चिंता की बात है कि पिछले कुछ समय से केवल उत्तर प्रदेश में ही नहीं, बल्कि अब फिल्मों में भी ब्राह्मण समाज को निशाना बनाया जा रहा है। मायावती ने कहा कि फिल्मों में पंडित को घुसपैठिया बताकर पूरे देश में जो इनका अपमान व अनादर किया जा रहा है।इससे समूचे ब्राह्मण समाज में जबरदस्त रोष व्याप्त है।बसपा इसकी कड़े शब्दों में निंदा करती है। ऐसी जातिसूचक फिल्म पर केंद्र सरकार को तुरंत प्रतिबंध लगाना चाहिए।
बसपा सुप्रीमो मायावती के बयान में सबसे अहम बिंदु घुसपैठिया शब्द का इस्तेमाल रहा।दरअसल विरोध कर रहे संगठनों का आरोप है कि इस वेब सीरीज में ब्राह्मण पात्रों के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया है और उन्हें व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले घुसपैठियों की तरह पेश किया गया है।मायावती ने इसे जातिसूचक करार देते हुए केंद्र सरकार से मांग की है कि ऐसी फिल्म पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
इस वेब सीरीज को लेकर मुख्य रूप से सनातन रक्षक दल और अन्य ब्राह्मण संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है।उनकी मुख्य आपत्ति इसके नाम को लेकर ही है। विरोध करने वालों का कहना है कि सीरीज का नाम घूसखोर पंडत रखना सीधे तौर पर एक पूरी जाति और समुदाय को अपमानित करने की कोशिश है। उनका तर्क है कि पंडत शब्द ज्ञान और सम्मान का प्रतीक है, उसके साथ घूसखोर विशेषण जोड़ना समाज में गलत संदेश फैलाता है।
आपत्ति दर्ज कराने वाले लोगों का मानना है कि भ्रष्टाचार किसी भी जाति का व्यक्ति कर सकता है, लेकिन जानबूझकर एक विशिष्ट जाति (ब्राह्मण) को भ्रष्ट के रूप में पेश करना एक एजेंडा का हिस्सा लगता है। सीरीज के पोस्टर और ट्रेलर में कुछ ऐसे दृश्यों पर भी सवाल उठाए गए हैं जहां पात्र को धार्मिक वेशभूषा या प्रतीकों के साथ गलत काम करते दिखाया गया है। विरोधियों का कहना है कि यह धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है।
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