प्रियंका दो साल तक रही मुर्दा,माता-पिता ने झेला हत्या का कलंक,OTP ने खोला राज तो मचा हड़कंप


प्रियंका दो साल तक रही मुर्दा,माता-पिता ने झेला हत्या का कलंक,OTP ने खोला राज तो मचा हड़कंप

धनंजय सिंह | 11 Feb 2026

 

बस्ती।उत्‍तर प्रदेश के बस्‍ती में पुलिस के पैरों तले जमीन खिसक गई,जब एक मृतक महिला थाने पहुंच गई।इस महिला की हत्या की जांच पुलिस पिछले दो साल से कर रही थी। पुलिस को अंदेशा नहीं था कि जिस महिला के हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है वो सही सलामत है और एक शख्स के साथ दूसरे राज्य में हंसी-खुशी जिंदगी बिता रही है। महिला के पति के मोबाइल फोन पर आए एक ओटीपी से महिला का भांडा फूट गया।

प्रियंका की चौंकाने वाली कहानी 

जिले कप्तानगंज थाना क्षेत्र के पिलखायें गांव की रहने वाली प्रियंका प्रजापति की कहानी चौंकाने वाली है। 14 मई 2017 को प्रियंका की शादी बस्ती के संदीप के साथ धूमधाम से हुई थी। 8 साल तक सबकुछ ठीक- ठाक चला।दोनों से एक बेटा भी पैदा हुआ,लेकिन अचानक रिश्तों में अनबन शुरू हो गई। प्रियंका नाराज होकर ससुराल से लाखों का जेवरात लेकर अपने मायके चली गई।कुछ ही घंटे में वह अपने बच्चे को लेकर मायके से आत्महत्या करने के लिए निकली।उसने कई बार उसने सुसाइड का प्रयास किया मगर सफल नहीं हुई।

2024 में कप्तानगंज थाने एक महिला के हत्या की दर्ज हुई थी एफआईआर 

साल 2024 में कप्तानगंज थाने में एक महिला की हत्या की एफआईआर दर्ज हुई थी।इस मामले की जांच हो रही थी तभी महिला प्रियंका जिंदा मिल गई।हत्या का मुकदमा कोर्ट के आदेश से दर्ज हुआ था। इस मामले में महिला का कोर्ट में बयान हो चुका है।

अयोध्‍या में मंगल चंद्र से हुई मुलाकात

थक हारकर प्रियंका अयोध्या में भगवान रामलला का दर्शन करने पहुंची।यहां उसकी मुलाकात राजस्थान के मंगल चंद्र से हुई।प्रियंका ने आत्महत्या का इरादा छोड़ नए जीवन की शुरुआत का रास्ता चुना।प्रियंका और मंगल चंद्र राजस्थान चले गए और पति-पत्नी की तरह जिंदगी बसर करने लगे।

पहले पति संदीप ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा

दूसरी ओर पत्नी के गायब होने के बाद पति संदीप काफी परेशान हो गया,उसे लगा उसकी पत्नी की हत्या कर दी गई है। जब संदीप अपनी ससुराल पहुंचा तो कुछ लोगों ने उसे बताया कि जेवरों के चक्कर में पिता ने प्रियंका और उसके बच्चे की हत्या कर लाश को सरयू नदी में फेंक दिया है। इसके बाद संदीप ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

दो साल तक बेटी की हत्‍या का घर वाले झेलते रहे दंश

4 नवंबर 2024 को कप्तानगंज थाने में प्रियंका के पिता दयाराम,मां सुभावती देवी,चाचा की लड़की संजना और एक अन्य ग्रामीण अशोक कुमार मौर्य के खिलाफ प्रियंका की हत्या और सुबूत मिटाने की गंभीर धारा में मुकदमा दर्ज किया गया। अब ये सभी चार लोग पुलिस की नजर में उस जुर्म के आरोपी बन चुके थे जो उन्होंने किया ही नहीं था। प्रियंका बिना बताए घर से निकली और उसकी हत्या का दंश उसके पिता दो साल तक झेलते रहे।

प्रियंका के आधार कार्ड को लेकर संदीप के फोन पर आया मैसेज

धीरे-धीरे समय बीतता गया और सच सामने आने लगा। संदीप को शक हुआ कि प्रियंका की हत्या नहीं हुई है। एक रोज संदीप के मोबाइल पर प्रियंका के आधार कार्ड में नाम और फोटो बदलने के लिए ओटीपी का मैसेज आया।बस यहीं से प्रियंका का भांडा फूट गया।संदीप ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने छानबीन की और राजस्थान जाकर प्रियंका को खोज निकाला। पुलिस के लिए सिरदर्द बनी प्रियंका अब बेनकाब हो चुकी है।

क्‍या बोले एएसपी श्‍यामकांत

एएसपी श्यामकांत ने बताया कि वर्ष 2024 में कप्तानगंज थाने में एक महिला की हत्या की एफआईआर दर्ज हुई थी। इस मामले की जांच हो रही थी तभी महिला प्रियंका जिंदा मिल गई। हत्या का मुकदमा कोर्ट के आदेश से दर्ज हुआ था। इस मामले में महिला का कोर्ट में बयान हो चुका है।


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