विधानसभा में फांसी घर मामला,केजरीवाल समेत 4 नेताओं को अल्टिमेटम,विशेषाधिकार समिति ने पेश होने के लिए दिया आखिरी मौका,जानें क्या है मामला


विधानसभा में फांसी घर मामला,केजरीवाल समेत 4 नेताओं को अल्टिमेटम,विशेषाधिकार समिति ने पेश होने के लिए दिया आखिरी मौका,जानें क्या है मामला

मनोज बिसारिया | 16 Feb 2026

 

नई दिल्ली।फांसी घर के मामले पर दिल्ली विधानसभा परिसर में एकबार फिर सियासी घमासान दिखाई दे सकता है।क्योंकि दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल,पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया,पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल और राखी बिरला को फांसी घर मामले में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और अपना पक्ष रखने के लिए आखिरी मौका देने का फैसला लिया है।इन सभी नेताओं को 6 मार्च को विशेषाधिकार समिति के सामने पेश होने के लिए कहा गया है।बता दें कि सोमवार को विशेषाधिकार समिति की बैठक में इस बात पर सहमति बनी है।

विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष प्रद्युम्न सिंह राजपूत ने ये बताया 

विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष प्रद्युम्न सिंह राजपूत ने बताया कि केजरीवाल ने अपने लिखित जवाब में 2, 3, 4, 5 या 6 मार्च में से किसी भी दिन पेश होने की बात कही थी तो अन्य तीन नेताओं ने कुछ दिनों का समय मांगा था।ऐसे में 6 मार्च की तारीख को फाइनल किया गया है ताकि जांच प्रक्रिया में और देरी न हो। उन्होंने बताया कि समिति इस बात पर जोर दे रही है कि निष्पक्ष और व्यापक जांच को पूरा करने के लिए आप नेताओं का इस मामले में सहयोग देना अनिवार्य है।

आपको बता दें कि इस मामले में केजरीवाल को आज सोमवार को पेश होने के लिए कहा गया था।इससे पहले विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट में कहा गया था कि केजरीवाल,गोयल,सिसोदिया और राखी बिरला ने फांसी घर मामले में समिति के समक्ष जानबूझकर उपस्थित न होकर सदन की अवमानना की है।

जानें पूरा मामला

ये पूरा मामला दिल्ली विधानसभा की इमारत के एक कमरे के उद्घाटन को लेकर है।तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 9 अगस्त 2022 को कमरे को ब्रिटिश काल का फांसी घर के रूप में पेश करते हुए इसको जेल जैसा बनाया और जेल बार,फंदे,स्वतंत्रता सेनानी की तस्वीरें आदि लगाईं।वहीं स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने 1912 के नक्शे का हवाला देते हुए दावा किया कि इस जगह को कभी फांसी घर के रूप में इस्तेमाल किए जाने का कोई रिकॉर्ड नहीं है।गुप्ता ने दावा किया कि आप सरकार ने जिसे सबके सामने फांसी घर कहकर पेश किया वह असल में एक टिफिन रूम है। इसके बाद बीते साल अगस्त में इसका नाम बदलकर फांसी घर से टिफिन रूम कर दिया गया था।

शुरू हुआ था 2021 में विवाद

दरअसल विवाद की शुरुआत तब हुई जब साल 2021 में दिल्ली विधानसभा के तत्कालीन स्पीकर राम निवास गोयल ने दावा किया था कि विधानसभा परिसर में एक फांसी घर मिला है। उन्होंने दावा किया था कि वहां एक दीवार तोड़कर पहुंचा गया है।


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