ईरान-इजराइल जंग:बंदी की कगार पर 800 से अधिक कंपनियों,कार्टन बॉक्स,स्नैक्स और फैब्रिकेशन फैक्ट्रियों पर पड़ा प्रभाव


ईरान-इजराइल जंग:बंदी की कगार पर 800 से अधिक कंपनियों,कार्टन बॉक्स,स्नैक्स और फैब्रिकेशन फैक्ट्रियों पर पड़ा प्रभाव

धनंजय सिंह | 11 Mar 2026

 

लखनऊ।कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति थमने से राजधानी लखनऊ की 800-1000 फैक्टरियां बंद होने की कगार पर हैं।कार्टन बॉक्स,पैकेजिंग,फार्मा,स्नैक्स और फैब्रिकेशन के काम से जुड़ी वो फैक्टरियां जहां मशीनों में हीटिंग प्रक्रिया अपनाई जाती है,गैस न मिलने से एक से दो दिन में बंद होने की कगार पर हैं।सैकड़ों उद्यमियों समेत 50 हजार से अधिक कामगारों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा होने की संभावना है।

लखनऊ में कार्टून बॉक्स और पैकेजिंग इंडस्ट्री से जुड़ीं 45-50 फैक्टरियां...

राजधानी लखनऊ में कार्टून बॉक्स और पैकेजिंग इंडस्ट्री से जुड़ीं 45-50 फैक्टरियां हैं।रोलर को गर्म करने के लिए गैस की जरूरत होती है,रोलर के अंदर के बर्नर जलते हैं तो रोलर गर्म होता है और उसी से गत्ते की नालियां बनती हैं। इसके अलावा कॉमर्शियल किचन में नमकीन,बिस्किट,चिप्स और अन्य स्नैक्स बनाने वाली कंपनियां उत्पादों को तलने के लिए गैस का इस्तेमाल करती हैं।सिरप बनाने वाली दवा कंपनियां भी बड़े-बड़े कड़ाहों में दवा के घोल को गैस पर ही पकाती हैं। वहीं,एलपीजी के साथ ऑक्सीजन मिलाकर तैयार की जाने वाली बिल्डिंग गैस की भी किल्लत है,जिससे फैब्रिकेशन इंडस्ट्री पर भी बड़ा असर पड़ा है।

लखनऊ में छोटी-बड़ी लगभग 500 से अधिक कंपनियां फैब्रिकेशन के काम से जुड़ी...

लखनऊ जिले में छोटी-बड़ी लगभग 500 से अधिक कंपनियां फैब्रिकेशन के काम से जुड़ी हैं,इन्हें गैस न मिलने से उनके सामने फैक्टरी चलाने का संकट बढ़ गया है।मंगलवार को सरकार ने उत्पादन ईकाइयों और अन्य औद्योगिक उपभोक्ताओं को 80 फीसदी गैस उपलब्ध कराने की बात कही,लेकिन उद्यमियों को कोई राहत मिली नहीं है। 

पीएनजी कनेक्शन से बड़े उद्योगों को राहत

कॉमर्शियल और घरेलू एलपीजी सिलिंडर की किल्लत से जहां छोटे उद्योगों और रेस्टोरेंट कारोबार को बड़ा झटका लगा है। वहीं पीएनजी कॉमर्शियल और औद्योगिक कनेक्शन वालों को राहत है।ग्रीन गैस लिमिटेड के एजीएम प्रवीण सिंह बताते हैं कि अभी पीएनजी के लिए चिंता की बात नहीं है।हम लोग बड़ी बारीकी से मॉनिटरिंग कर रहे हैं।अभी जो डिमांड है, वह पूरी की जा रही है। 

लखनऊ में 3.5 लाख स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर पर डे
की खपत

प्रवीण सिंह बताते हैं कि लखनऊ में 3.5 लाख स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर पर डे (एससीएमडी) की खपत है।हमारी दो श्रेणियां हैं, एक कॉमर्शियल और दूसरा इंडस्ट्रियल। लखनऊ के 12 बड़े होटल और रेस्टोरेंट में कनेक्शन हैं।इसमें छप्पन भोग,महेश नमकीन समेत लखनऊ एयरपोर्ट भी शामिल हैं।वहीं उद्योग में अमूल,करम,अशोक लेलैंड,सूर्या फूड जैसी 12 बड़ी कंपनियों में पीएनजी आपूर्ति की जा रही है। 

उद्योंगों पर संकट,सरकार न करे गुमराह

आईआईए लखनऊ चैप्टर के अध्यक्ष विकास खन्ना ने बताया कि दो दिन पहले की भी बुकिंग नहीं मिल पा रही है।एजेंसियों वाले कह रहे हैं कि ऊपर से ही रोक है,इसलिए किसी को सप्लाई नहीं मिल पा रही है।मंगलवार को सरकार ने उत्पादन ईकाइयों को 80 फीसदी गैस देने की बात कही है, लेकिन उसका कोई लाभ मिलता नहीं दिख रहा है। एक तो शॉर्टेज और ऊपर से तय प्रतिशत उपलब्धता निर्धारित करने से कालाबाजारी ही बढ़ेगी। उद्यमियों को एजेंसियों व अन्य की खुशामद करनी पड़ेगी।

एक दिन बाद बंद होगी फैक्टरी

उद्यमी अंकित जैन ने बताया कि हमारी कॉर्टन बॉक्स बनाने की फैक्टरी है।हर दिन दो से तीन सिलिंडर की खपत है, लेकिन न कॉमर्शियल गैस मिल पा रही है,न ही घरेलू।एक दो दिन का स्टॉक ही बचा है।सिलिंडर नहीं मिले तो फैक्टरी बंद हो जाएगी।

टाटा मोटर्स के वेंडर्स के लिए भी आफत

आईआईए उपाध्यक्ष अभिनव कपूर ने बताया कि टाटा मोटर्स के जो वेंडर्स हैं उनको पाउडर कोटिंग करने के लिए गैस की जरूरत होती है।चिनहट औद्योगिक क्षेत्र में 80 प्रतिशत इंडस्ट्री टाटा मोटर्स के लिए ऑटो पार्ट्स बनाते हैं,लेकिन उनको गैस नहीं मिल पा रही है।यही स्थिति रही तो फैक्टरी बंद करनी पड़ेगी या फिर डीजल मशीन की ओर शिफ्ट होना पड़ेगा।

फंस गए हैं आगे के ऑर्डर

उद्यमी अदनान सिद्धीकी ने बताया कि गैस न मिलने से लोहे की कोई कटिंग नहीं हो पा रही है। गैस से ही कटिंग की जाती है,जितनी थी उससे तो काम चल गया, लेकिन आगे के ऑर्डर फंस गए हैं।


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