सहारनपुर।उत्तर प्रदेश एंटी टेररिज्म स्क्वाड (यूपी एटीएस)ने सहारनपुर के रहने वाले बीडीएस सेकेंड ईयर के छात्र हारिश अली को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया है।आरोप है कि प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़कर आतंकी साजिश रच रहा था।वह शरिया कानून और खिलाफत व्यवस्था स्थापित करने के लिए आतंकी विचारधारा का प्रचार कर रहा था।हारिश अली रियासत अली का बेटा है और सहारनपुर जिले के मानक मऊ मोहल्ले का रहने वाला है।
जांच एजेंसियों को इनपुट मिला था कि उत्तर प्रदेश सहित भारत के अलग अलग राज्यों में कुछ लोग आईएसआईएस के आतंकी मॉड्यूल से जुड़े हुए हैं और सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी विचारधारा का प्रचार कर रहे हैं।इन लोगों का मकसद अधिक से अधिक युवाओं को जोड़कर भारत में आईएसआईएस नेटवर्क को मजबूत करना था।
जांच में सामने आया कि हारिश अली इंस्टाग्राम और कई एन्क्रिप्टेड एप्स जैसे सेशन और डिसकॉर्ड पर सक्रिय था।इन प्लेटफॉर्म पर हारिश ग्रुप बनाकर लोगों को जोड़ने की कोशिश कर रहा था।इन ग्रुप्स के जरिए हारिश आईएसआईएस की आतंकी जिहादी विचारधारा और शरिया आधारित खिलाफत व्यवस्था को स्थापित करने से जुड़ी सामग्री साझा करता था।
यूपी एटीएस के मुताबिक हारिश अली सोशल मीडिया पर छद्म नामों का इस्तेमाल करता था और अपनी पहचान छिपाने के लिए वीपीएन का भी प्रयोग करता था।हारिश अलग-अलग ग्रुप्स बनाकर समान विचारधारा वाले लोगों को जोड़ने की कोशिश कर रहा था और उन्हें आईएसआईएस से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रहा था।
इन ग्रुप्स में आईएसआईएस से जुड़ी प्रचार सामग्री,पत्रिकाएं, वीडियो,ऑडियो और तस्वीरें साझा की जाती थीं।इनमें आईएसआईएस के मारे गए आतंकियों की तस्वीरें और वीडियो भी शामिल थे,जिन्हें महिमामंडित करते हुए पोस्ट किया जाता था,इसके अलावा आईएसआईएस के कुख्यात आतंकी विचारकों के भाषण और संदेश भी इन ग्रुप्स में साझा किए जाते थे।
यूपी एटीएस की जांच में यह भी सामने आया कि हारिश अली ने अल इत्तिहाद मीडिया फाउंडेशन नाम से एक अलग ग्रुप बनाया था,इस ग्रुप के जरिए हारिश आईएसआईएस के प्रचार प्रसार की सामग्री साझा करता था और लोगों को संगठन से जुड़ने के लिए प्रेरित करता था।हारिश आईएसआईएस के मीडिया और न्यूज चैनल अल-नाबा और उसकी प्रचार मैगजीन दबिक का भी अनुसरण करता था।इन प्लेटफॉर्म से मिलने वाली सामग्री को हारिश अपने ग्रुप्स में साझा करता था और संगठन की विचारधारा का प्रचार करता था।
जांच एजेंसियों का कहना है कि हारिश का नेटवर्क भारत के अलावा पाकिस्तान और अन्य देशों में मौजूद आईएसआईएस हैंडलरों से भी जुड़ा हुआ था।हारिश इन लोगों के संपर्क में रहकर संगठन की गतिविधियों से जुड़े निर्देश प्राप्त करता था।
यूपी एटीएस के मुताबिक हारिश अली लोकतांत्रिक व्यवस्था को नहीं मानता था और भारत में चुनी हुई सरकार को गिराकर शरिया कानून के तहत खिलाफत व्यवस्था स्थापित करना चाहता था।इसके लिए वह अपने ग्रुप्स में लोगों को जंग-ए-जिहाद और फिदायीन हमले करने के लिए भी उकसाता था।
यूपी एटीएस को आशंका है कि हारिश अली भारत में आईएसआईएस के आतंकी मंसूबों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा था।फिलहाल एजेंसियां हारिश अली से पूछताछ कर रही हैं और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।