अब 18 वर्ष से ऊपर की आयु के लोगों के लिए अच्छी सूचना और वो ये कि आगामी 10 अप्रैल से 18 साल से ऊपर के लोगों के लिए कोरोना वायरस टीके की एहतियाती खुराक निजी टीकाकरण केंद्रों पर उपलब्ध होगी। मंत्रालय ने कहा कि जिन लोगों की आयु 18 साल से अधिक है और जिन्हें टीके की दूसरी खुराक लगे नौ महीने हो चुके हैं, वह निजी टीकाकरण केंद्रों पर एहतियाती खुराक के पात्र होंगे।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए एहतियाती खुराक के लिए सरकारी टीकाकरण केंद्रों के जरिए चल रहा मुफ्त टीकाकरण अभियान इसी तरह जारी रहेगा।
- हम आपको बता दें कि देश भर में टीकाकरण अभियान 16 जनवरी, 2021 को शुरू किया गया था, जिसमें स्वास्थ्यकर्मियों को पहले चरण में टीका लगाया गया था। फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण पिछले साल 2 फरवरी से शुरू हुआ था। कोविड-19 टीकाकरण का अगला चरण पिछले साल 1 मार्च को 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और 45 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए किसी रोग से पीडितों को टीके के साथ शुरू हुआ था।
- भारत ने पिछले साल 1 अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों के लिए टीकाकरण शुरू किया। इसके बाद सरकार ने पिछले साल 1 मई से 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को वायरल बीमारी के खिलाफ टीकाकरण की अनुमति देकर अपने टीकाकरण अभियान का विस्तार करने का फैसला किया। टीकाकरण का अगला चरण इस साल 3 जनवरी से 15-18 वर्ष के आयु वर्ग के किशोरों के लिए शुरू हुआ है।
इससे पहले बताया गया था कि कोरोना वैक्सीन लगवा चुके लोग अपने कोविड-19 वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट में हुई गलतियों को कोविन पोर्टल पर अब ठीक कर सकेंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, नए अपडेट में कोविन पोर्टल में एक ऐसी सुविधा दी जाएगी जिसके द्वारा टीकाकरण प्रमाणपत्रों पर नाम, जन्म वर्ष और लिंग में अनजाने में हुई त्रुटियों को सुधारा जा सकेगा।