आईएसआई एजेंट-संदिग्धों का मॉड्यूल उजागर,डिजिटल नेटवर्क को हथियार बनाकर देश में अशांति फैलाने का मकसद


आईएसआई एजेंट-संदिग्धों का मॉड्यूल उजागर,डिजिटल नेटवर्क को हथियार बनाकर देश में अशांति फैलाने का मकसद

मनोज बिसारिया | 27 Mar 2026

 

जयपुर।राजस्थान में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता एक बार फिर तेज हो गई है।जैसलमेर के नाचना थाना क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर एक युवक की हिरासत, उत्तर प्रदेश से जुड़े टेलीग्राम नेटवर्क के इनपुट और राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में सामने आए जासूसी और कट्टरपंथी गतिविधियों के मामलों ने एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया है। एक हफ्ते में सामने आईं इन घटनाओं ने न केवल सीमावर्ती सुरक्षा बल्कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। बता दें कि राजस्थान के जैसलमेर,जोधपुर और श्रीगंगानगर से एक हफ्ते में सामने आए कई मामलों ने डिजिटल नेटवर्क,जासूसी और सीमा सुरक्षा के बीच संबंध उजागर किया है।संदिग्ध हिरासत में हैं।

संदिग्ध गतिविधियों के शक में एक हिरासत में 

जैसलमेर जिले के नाचना थाना क्षेत्र के भारेवाला इलाके में गुरुवार देर रात एक युवक को संदिग्ध गतिविधियों के शक में हिरासत में लिया गया।ये कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस से मिले विशेष इनपुट के आधार पर की गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हिरासत में लिया गया युवक बीकानेर जिले बताया जा रहा है। हालांकि वह पिछले 12 वर्षों से भारेवाला गांव में रहकर खेती-बाड़ी का काम कर रहा था।स्थानीय लोगों से पूछताछ में सामने आया कि वह एक सामान्य किसान था, लेकिन हालिया इनपुट्स के आधार पर की गई कार्रवाई ने उसके संदिग्ध कनेक्शन को उजागर कर दिया।
 
टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए भेजे जाते थे भड़काऊ मैसेज

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक युवक का नाम एक संदिग्ध टेलीग्राम ग्रुप में सामने आया है।इस ग्रुप में देश विरोधी गतिविधियों से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस डिजिटल नेटवर्क की निगरानी के दौरान कुछ अहम सुराग जुटाए,जिनमें राजस्थान और कश्मीर के युवाओं के बीच संपर्क के संकेत मिले। इस कड़ी में अभी तक चार लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है,इसमें दो कश्मीरी युवक भी शामिल हैं। इन सभी से पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर जैसलमेर के भारेवाला निवासी युवक तक पहुंच बनाई गई।
 
सर्विलांस की मदद से लोकेशन हुई ट्रैक

नाचना पुलिस ने खुफिया सूचना और तकनीकी सर्विलांस की मदद से युवक की लोकेशन ट्रैक की और देर रात उसके घर पर दबिश देकर उसे हिरासत में ले लिया। फिलहाल उसे नाचना थाने में रखा गया है,जहां आज विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों द्वारा संयुक्त पूछताछ की गई।
 
मोबाइल फोन में नहीं मिली कोई संदिग्ध सामाग्री 

सूत्रों के मुताबिक युवक के मोबाइल फोन की शुरूआती जांच में कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली है।जांच एजेंसियों को आशंका है कि उसने महत्वपूर्ण डेटा पहले ही डिलीट कर दिया है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब डिजिटल फॉरेंसिक टीम की मदद से डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने की कोशिश की जाएगी। इसके अलावा युवक के बैंक ट्रांजेक्शन, कॉल डिटेल्स और सोशल नेटवर्किंग कनेक्शन्स की भी गहनता से जांच की जाएगी।ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं है।
 
सीमा पर हाईअलर्ट

घटना के सामने आने के बाद भारेवाला सहित आसपास के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस और बीएसएफ को अलर्ट मोड पर रखा गया है और क्षेत्र में निगरानी तेज कर दी गई है। संवेदनशीलता को देखते हुए आने-जाने वाले लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
जोधपुर में आंध्र प्रदेश पुलिस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आईएसआई से जुड़े एक सोशल मीडिया नेटवर्क का खुलासा हुआ। इस मामले में नई सड़क क्षेत्र निवासी 19 वर्षीय युवक जीशान को गिरफ्तार किया गया।कार्रवाई में सदर बाजार थाना पुलिस ने भी सहयोग किया।

विजयवाड़ा से जुड़ा सुराग,जोधपुर तक पहुंची जांच

जानकारी के मुताबिक आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लेने के बाद पूछताछ में जीशान का नाम सामने आया। इसके बाद विजयवाड़ा पुलिस की टीम जोधपुर पहुंची और सदर बाजार थाना अधिकारी माणक राम की टीम के साथ मिलकर देर रात आरोपी को पकड़ लिया।
 
सोशल मीडिया के जरिए फैलाया जा रहा था कंटेंट

पुलिस जांच में सामने आया कि जीशान BENX नामक ऑनलाइन ग्रुप से जुड़ा हुआ था। इस ग्रुप में कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारधारा से संबंधित वीडियो,शॉर्ट क्लिप और वॉयस नोट साझा किए जाते थे। वह ग्रुप में सक्रिय रहते हुए अन्य युवाओं को जोड़ने का प्रयास भी कर रहा था।

एडमिन भूमिका और तकनीकी जांच में खुलासे

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि ग्रुप संचालकों ने उसकी परीक्षा ली थी,जिसमें सफल होने के बाद उसे एडमिन बना दिया गया। गिरफ्तारी से पहले आरोपी ने अपने मोबाइल से आपत्तिजनक और देशविरोधी कंटेंट हटाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तकनीकी सहायता से डेटा रिकवर कर लिया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि वह करीब दो वर्षों से इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।

अन्य संदिग्धों की तलाश,जांच जारी

पुलिस फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियां मामले के हर पहलू पर नजर बनाए हुए हैं और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

 पुलिस ने राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल युवक को गिरफ्तार किया 

श्रीगंगानगर जिले में लालगढ़ जाटान थाना पुलिस ने राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल एक युवक को गिरफ्तार किया। आरोपी लंबे समय से पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी के संपर्क में था और उसके निर्देश पर भारत के कई महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी करता था। पुलिस ने गिरफ्तार युवक की पहचान आकाशदीप पुत्र पीरा सिंह (19) निवासी 12 H मोहल्ला केसरीसिंहपुर, वर्तमान में चक केरा (श्रीगंगानगर) के रूप में की है। थाना प्रभारी गुरमेल सिंह बराड़ ने बताया कि आरोपी बदमाश प्रवृत्ति का है और गांव में कुछ लोगों को पाकिस्तानी आतंकवादियों से संपर्क होने की धमकी देता था। आरोपी के पास मोबाइल नंबर 9079910356 था। कॉन्स्टेबल गुरजीत सिंह की सूचना पर उसे थाने लाया गया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने शहजाद भट्टी के साथ इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर बातचीत करने की बात स्वीकार की।

मोबाइल और सोशल मीडिया से मिले सबूत

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से रीयलमी कंपनी का पुराना मोबाइल जब्त किया। मोबाइल में सिम नंबर 9079910356 लगी थी। इंस्टाग्राम आईडी itsoy_akash और krystal_hactor नामक आईडी से भारत-पाकिस्तान के लोगों के साथ वॉइस चैट और +92 कोड वाले नंबरों पर जानकारी साझा की गई। गैलरी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से शहजाद भट्टी के साथ फोटो एडिट की हुई मिली। व्हाट्सएप पर +923249695402 नंबर पर भेजे गए मैसेज का जवाब अंगूठे के निशान से आया था। आरोपी शहजाद भट्टी को फॉलो करता था और उसकी पोस्ट्स को लाइक व कमेंट करता था।
 
रेकी और वीडियो भेजना

पूछताछ में आकाशदीप ने बताया कि शहजाद भट्टी के कहने पर उसने भीड़भाड़ वाली प्रमुख जगहों की रेकी की,वीडियो बनाए और व्हाट्सएप के जरिए पाकिस्तान भेजे।उसने इन जगहों तक पहुंचने का पूरा प्लान भी साझा किया। आरोपी के तार अंबाला के बराड़ा-दोसड़का रोड स्थित गांव सिंबला के पास से बरामद आरडीएक्स, आईईडी, डेटोनेटर और बैट्री मामले से भी जुड़े हुए हैं। यह आरडीएक्स पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी के जरिए अमृतसर पहुंचाया गया, जो ड्रोन के माध्यम से पाकिस्तान से पंजाब भेजा गया।
  
कई राज्यों में की गई रेकी

आरोपी ने शहजाद भट्टी के निर्देश पर पंजाब के कई जिलों के थानों के अलावा राजस्थान,दिल्ली,चंडीगढ़ और हरियाणा के अंबाला में विभिन्न महत्वपूर्ण जगहों की रेकी की। इन जगहों के वीडियो पाकिस्तान भेजे गए। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और इसके नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।
 
जासूसी के गंभीर मामले में आरोपी कोर्ट में किया गया पेश

असम के एयरफोर्स स्टेशन चबुआ से जुड़ी जासूसी के एक गंभीर मामले में राजस्थान इंटेलिजेंस और एयरफोर्स ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी सुमित कुमार को कोर्ट में पेश किया।सीजेएम कोर्ट जयपुर महानगर-1 में पेशी के दौरान राजस्थान इंटेलिजेंस ने आरोपी के लिए 12 दिन के रिमांड की मांग की, जिस पर अदालत ने उसे 2 अप्रैल तक रिमांड पर भेजने के आदेश दिए।

सुमित वायुसेना से जुड़ी संवेदनशील और सामरिक जानकारी भेज रहा था पाक हैंडलर्स को 

जांच में सामने आया है कि आरोपी सुमित कुमार भारतीय वायुसेना से जुड़ी संवेदनशील और सामरिक जानकारी पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेज रहा था। इस मामले का खुलासा पहले गिरफ्तार आरोपी झब्बरराम ने किया था। कोर्ट में इस दौरान राजस्थान इंटेलिजेंस की ओर से एडवोकेट सुदेश सतावन ने पैरवी की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एजेंसियां अब आगे की जांच में जुटी हैं।
 

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा 

असम के एयरफोर्स स्टेशन चबुआ से पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार सुमित कुमार (36) ने इंटेलीजेंस एजेंसियों की पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है। आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि उसने एयर फोर्स स्टेशन चबुआ के अलावा अन्य सैन्य ठिकानों की जानकारी भी पाकिस्तान पहुंचाई। इसमें बीकानेर के एयर फोर्स स्टेशन नाल से जुड़ी जानकारियां भी शामिल हैं। इसमें मिसाइल सिस्टम, अधिकारियों-कर्मियों से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं और फाइटर एयरक्राफ्ट की लोकेशन भी थी। 

अपने मोबाइल से बनवा रहा था पाक हैंडलर्स के सोशल मीडिया अकाउंट

पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी सुमित कुमार अपने नाम पर जारी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करके पाकिस्तानी हैंडलर्स को सोशल मीडिया अकाउंट बनाने में भी सहयोग किया।गौरतलब है कि आरोपी सुमित कुमार को बीते 22 मार्च को जयपुर के स्पेशल पुलिस स्टेशन में दर्ज केस के तहत Official Secrets Act, 1923 और BNS एक्ट, 2023 की संबंधित धाराओं में गिरफ्तार किया गया। इस एक्शन से भारत में एक्टिव पाकिस्तान समर्थित एक बड़े जासूसी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। केस की आगे की जांच जारी है।
 

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस इंटेलीजेंस ने ये बताया 

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस इंटेलीजेंस प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि इस पूरे मामले की शुरुआत जनवरी 2026 में जैसलमेर निवासी झबराराम की गिरफ्तारी से हुई थी। उससे पूछताछ और अनुसंधान के दौरान एक अन्य संदिग्ध सुमित कुमार का नाम सामने आया, जो लगातार पाक खुफिया एजेंसियों के संपर्क में था। उन्होंने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपी सुमित कुमार (36) पुत्र बेनी माधव निवासी लाहुरपार प्रयागराज उत्तर प्रदेश वर्तमान में एयरफोर्स स्टेशन छबुआ, डिब्रूगढ़ असम में MTS के पद पर कार्यरत था। वह अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एयरफोर्स स्टेशन से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं एकत्रित करता और सोशल मीडिया के जरिए पाक हैंडलर्स तक पहुंचाता था।राजस्थान इंटेलीजेंस की टीम ने एयरफोर्स इंटेलीजेंस,नई दिल्ली के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को छबुआ से डिटेन किया और जयपुर स्थित केंद्रीय पूछताछ केंद्र लाया गया।
 
सीमा पर बढ़ी निगरानी और जांच जारी

इन सभी मामलों के सामने आने के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।पुलिस और बीएसएफ को अलर्ट मोड पर रखा गया है। आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इन घटनाओं को डिजिटल नेटवर्क,सोशल मीडिया और जासूसी गतिविधियों के आपसी संबंध के रूप में देख रही हैं और हर एंगल से जांच में जुटी हैं।


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