नई दिल्ली।अमेरिका और ईरान की जंग की वजह से मिडिल ईस्ट में तेल और गैस की सप्लाई रुकने के बाद से सरकार और तेल कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर डिलीवरी में कई बदलाव किया है,जिससे लोग पैनिक न हों और सही तरीके से व्यवस्था चलती रहे।एक बार फिर आज एक मई से एलपीजी सिलेंडर को लेकर नियमों में बदलाव हुआ है।
बंद होगी गैस की डबल सर्विस
सरकार ने दुरुपयोग को रोकने और सब्सिडी का बेहतर उपयोग तय करने के लिए एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन रखने वाले लोगों की पहचान शुरू कर दी है। 14 मार्च को हुए संशोधन के मुताबिक पाइपलाइन से पीएनजी सप्लाई लेने वाले लोगों को अपने घरेलू एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने होंगे और वे अब एलपीजी रिफिल या नए कनेक्शन के लिए पात्र नहीं होंगे।तेल कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स को ऐसे कंज्यूमर्स को एलपीजी आपूर्ति नहीं करने का आदेश दिया गया है।अब तक दोहरी आपूर्ति वाले 43,000 से अधिक यूजर्स ने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं।
सख्त बुकिंग नियम और ओटीपी डिलीवरी
इंडेन,भारत गैस और एचपी गैस के तहत आने वाले देश भर के कंज्यूमर्स को अब बुकिंग अंतराल,ओटीपी बेस्ड डिलीवरी और अनिवार्य केवाईसी अपडेट से संबंधित नए नियमों का सामना करना पड़ेगा।पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल को 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों तक कर दिया है।
कमर्शियल गैस के बढ़े दाम
मार्च 2026 से तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम के वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमत में तीन बार बढ़ोतरी की है।पहली बढ़ोतरी 1 मार्च को 28 रुपये से 31 रुपये के बीच हुई, इसके बाद 7 मार्च को प्रति सिलेंडर 114.5 रुपये की एक और बढ़ोतरी हुई और अप्रैल में प्रमुख महानगरों में 196 रुपये से 218 रुपये की एक और बढ़ोतरी हुई। अब 1 मई को एक और संशोधन किया गया है। 993 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।
क्यों बढ़े गैस के दाम
मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच यह बढ़ोतरी की गई है।इस तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है।यह एक ऐसा रास्ता है,जहां से भारत बड़े स्तर पर तेल-गैस का आयात करता था।सरकार ने सभी को आश्वस्त किया है कि कठिन वैश्विक स्थिति के बावजूद वह घरेलू एलपीजी, पाइपलाइन से आने वाली प्राकृतिक गैस और परिवहन के लिए सीएनजी की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है। साथ ही कीमतों को भी स्थिर रखा है।