दिल्ली में तेजी से फैल रहे अर्बन हीट आइलैंड,2014 में थीं महज सात,आठ गुना बढ़कर अब हो गईं 60


दिल्ली में तेजी से फैल रहे अर्बन हीट आइलैंड,2014 में थीं महज सात,आठ गुना बढ़कर अब हो गईं 60

मनोज बिसारिया | 21 May 2026

 

नई दिल्ली।दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी दिल्ली अब तेजी से अर्बन हीट आइलैंड में बदल रही है।कंक्रीट के बढ़ते जंगल और मानवीय गतिविधियों से शहरी क्षेत्रों का तापमान ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में काफी ज्यादा रहने लगा है।सेंटर फार साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में अर्बन हीट आइलैंड की संख्या वर्ष 2014 में महज सात थी,जो अब आठ गुना बढ़कर 60 हो चुकी है,इनमें से 16 स्थान तो पिछले छह वर्षों में ही हीट आइलैंड बने हैं।

तापमान में बढ़ोतरी,हरियाली की कमी

बढ़ते शहरीकरण से गर्मियों में राजधानी दिल्ली का औसत तापमान भी बढ़ रहा है।दिन के साथ रातें गर्म हो रही हैं। 2024 की गर्मियों के दौरान मंगेशपुर,नजफगढ़ और जाफरपुर में लू का कहर सबसे ज्यादा था। 2024 मई में जहां सफदरजंग क्षेत्र में लू के दिनों की संख्या महज पांच रही थी, वहीं मुंगेशपुर,नजफगढ़ और जाफरपुर में इनकी संख्या नौ से दस थी।इसके विपरीत पिछले एक दशक में राजधानी दिल्ली की हरियाली में खास सुधार नहीं हुआ है। यह 2013-14 में 20.08 फीसदी से महज 2.8 बढ़ कर 2024-25 में 23.6 फीसदी ही हो सकी है।

संकट का मुख्य कारण

कंक्रीट का विस्तार:वर्ष 2003 में राजधानी दिल्ली के 31.4 फीसदी हिस्से पर निर्माण था,जो अब 40 फीसदी को पार कर चुका है।बहुमंजिला इमारतों में ईंट की जगह शीशे और स्टील का बढ़ता इस्तेमाल गर्मी बढ़ा रहा है।

जनसंख्या और वाहन:2011 में राजधानी दिल्ली की आबादी 1.38 करोड़ थी, जो अब लगभग ढाई से तीन करोड़ हो चुकी है। वाहनों की संख्या भी 80 लाख से बढ़कर एक करोड़ पार कर गई है।इनसे निकलने वाली गर्म गैसों से दिल्ली की खुद को ठंडा करने की क्षमता 12 से 21 फीसदी तक घट गई है।

प्रमुख प्रभावित क्षेत्र:रिज,पालम,लोधी रोड,नरेला,नजफगढ़, मुंगेशपुर,आयानगर और राजघाट जैसे इलाके इसके प्रमुख उदाहरण हैं,जहां सफदरजंग की तुलना में तापमान और लू के दिन ज्यादा दर्ज किए जा रहे हैं।

छह वर्षों में बने हीट आइलैंड  

हरकेश नगर

ख्याला

वजीरपुर

बिजवासन

विश्वास नगर

हरि नगर

जहांगीरपुरी

दिल्ली गेट

शास्त्री पार्क

बवाना

रोहिणी

राजौरी गार्डन

संगम विहार

जैतपुर

बदरपुर

आईजीआई एयरपोर्ट क्षेत्र

पालम

जाफरपुर

छतरपुर

मंगेशपुर

मुंडका

शाहदरा

लोधी रोड

रिज

पूसा

राजघाट

पीतमपुरा

आयानगर

बढ़ती गर्मी है घातक 

राजधानी दिल्ली में प्री-मानसून में लू और मानसून में हीट इंडेक्स लोगों के लिए घातक बनते जा रहे हैं।सही मायने में पूरी दिल्ली ही अर्बन हीट आइलैंड में बदल रही है। गर्मियों के दौरान कुछ हिस्सों में तो तापमान 47 और 48 डिग्री तक दर्ज हो रहा है। यही वजह है कि हीट स्ट्रोक के शिकार लोगों की संख्या भी साल-दर-साल बढ़ती जा रही है।

समाधान के उपाय

बता दें कि राजधानी दिल्ली को केवल कागजी योजनाओं की नहीं,बल्कि जमीनी स्तर के समाधानों की जरूरत है।व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करना और जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना,घरों में बेहतर वेंटिलेशन रखना और छतों पर सफेद पेंट का उपयोग करना,बालकनी/छत पर टेरेस या किचन गार्डन बनाना,सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देकर निजी वाहनों की संख्या कम करना।एसी का सीमित इस्तेमाल करना और कम बिजली खपत वाले उपकरणों को अपनाना।

जानें एनसीआर का हाल

एनसीआर के नोएडा,गाजियाबाद,फरीदाबाद,गुरुग्राम और सोनीपत में भी ऐसी ही स्थिति बन रही है,लेकिन जिला प्रशासन ने कहीं हीट आइलैंड मैपिंग ही नहीं कराई है।


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