नई दिल्ली।दिल्ली हाईकोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के एक्स अकाउंट को तत्काल बहाल करने का आदेश देने से मना कर दिया है।कोर्ट ने केंद्र और एक्स को नोटिस जारी किया है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपना एक्स अकाउंट ब्लॉक करने के फैसले को चुनौती दी थी। इस मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को होगी। बता दें कि सीजेपी की स्थापना करने वाले अभिजीत दीपके अमेरिका के बॉस्टन में रहते हैं।
दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा कि एक्स अकाउंट को बहाल करने के बारे में कोई भी फैसला सरकार का पक्ष सुनने के बाद ही देगा। हालांकि कोर्ट ने एक्स अकाउंट को ब्लॉक करने के आदेश की समीक्षा करने का आदेश दिया है।कोर्ट ने कहा कि समीक्षा करने वाली कमेटी को हर दो महीने के बाद ब्लॉकिंग आदेश के सभी पहलुओं की पड़ताल करने की जरूरत है।कोर्ट ने समीक्षा कमेटी के फैसले को कोर्ट में दाखिल करने का निर्देश दिया।अभिजीत दीपके ने वकील नकुल गांधी के जरिये हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
इंटेलिजेंस ब्यूरो ने की थी ब्लॉक करने की सिफारिश
कॉकरोच जनता पार्टी का एक्स अकाउंट इंटेलिजेंस ब्यूरो के इनपुट के आधार पर ब्लॉक किया गया था।इंटेलिजेंस ब्यूरो ने राष्ट्रीय सुरक्षा की वजह से एक्स अकाउंट ब्लॉक करने की सिफारिश की थी,उसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय ने एक्स को सीजेपी का अकाउंट ब्लॉक करने का आदेश दिया था।सीजेपी हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन आंदोलन के रूप में उभरी।
दरअसल एक मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था कि बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह होते हैं।चीफ जस्टिस ने कहा था कि ऐसे कई बेरोजगार युवा जिन्हें न तो रोजगार मिलता है और न ही पेशे में कोई ठिकाना तो वे आगे चलकर मीडिया,सोशल मीडिया,आरटीआई एक्टिविस्ट या अन्य तरह के एक्टिविस्ट बन जाते हैं और पूरे सिस्टम पर हमला करने लग जाते हैं।कहा था कि कुछ वकीलों खासकर दिल्ली में लॉ डिग्रियों की प्रमाणिकता की सीबीआई जांच की जरूरत है।
बाद में चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने इस मामले पर सफाई भी दी। सफाई में चीफ जस्टिस ने कहा कि मुझे यह पढ़कर दुख हुआ कि मीडिया के एक हिस्से ने एक तुच्छ मामले की सुनवाई के दौरान मेरी मौखिक टिप्पणियों को किस तरह गलत तरीके से पेश किया है,मैंने विशेष रूप से उन लोगों की आलोचना की थी, जिन्होंने फर्जी और नकली डिग्रियों की मदद से वकालत जैसे व्यवसायों में प्रवेश किया है।चीफ जस्टिस ने कहा कि ऐसे ही लोग मीडिया,सोशल मीडिया और अन्य प्रतिष्ठित व्यवसायों में भी घुसपैठ कर चुके हैं,इसलिए वे परजीवी की तरह हैं। चीफ जस्टिस की इस टिप्पणी के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के रुप में ऑनलाइन आंदोलन शुरू किया गया था,इस आंदोलन को सोशल मीडिया पर देखते ही देखते काफी लोकप्रियता मिली,कॉकरोच को लेकर कई मीम और गाने बने।