नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर में हुई भीषण अग्नि त्रासदी ने देश और प्रशासन को झकझोर दिया है।इस घटना के तुरंत बाद उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने एक आपात बैठक बुलाई।बैठक में भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति की घोषणा की गई है।प्रशासन ने हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। 4 जून से पूरी दिल्ली में एक महीने का सघन प्रवर्तन अभियान शुरू करने का फैसला लिया है।उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होगी।
बैठक में लिया गया ये निर्णय
बैठक में निर्णय लिया गया कि 4 जून से शुरू होने वाले इस अभियान में दिल्ली के सभी होटलों,लॉज,नर्सिंग होम,कोचिंग संस्थानों और रेस्टोरेंट्स में फायर सेफ्टी मानकों की जांच होगी।दिल्ली सरकार के गृह विभाग को इस पूरे अभियान के लिए नोडल विभाग घोषित किया गया है,जो विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करेगा। इस अभियान की निगरानी संयुक्त रूप से मुख्य सचिव और दिल्ली पुलिस कमिश्नर करेंगे।
होटलों और अवैध निर्माणों पर गिरेगी गाज
प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी होटल,लॉज या गेस्ट हाउस में स्वीकृत संख्या से अधिक कमरे पाए जाते हैं, तो उन्हें तुरंत बंद कर दिया जाएगा। दिल्ली पुलिस,एमसीडी और पर्यटन विभाग संयुक्त रूप से होटल एसोसिएशनों के साथ बैठकें करेंगे और उन्हें लाइसेंस की शर्तों और फायर सेफ्टी नियमों का कड़ाई से पालन करने की अंतिम चेतावनी देंगे,जो संस्थान मानकों को पूरा नहीं करेंगे, उन्हें न केवल सील किया जाएगा, बल्कि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
15 दिन का अल्टीमेटम और डिजिटल ऑडिट
बैठक में तय हुआ है कि सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अपने फायर सेफ्टी उपकरण,पानी के टैंक और सप्लाई सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है।अहम बात यह है कि फायर सेफ्टी नियमों को डिजिटल रूप में सभी व्यावसायिक इमारतों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों को भेजा जाएगा, ताकि वे खुद अपनी तैयारी की जांच कर सकें। 4 जून से ही अधिकारियों द्वारा कंकरेंट ऑडिट की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी।
लोगों की भागीदारी के लिए समर्पित हेल्पलाइन और ईमेल
भ्रष्टाचार और लापरवाही पर लगाम लगाने के लिए...
लोगों की भागीदारी के लिए समर्पित हेल्पलाइन और ईमेल
भ्रष्टाचार और लापरवाही पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने लोगों को भी इस अभियान का हिस्सा बनाया है।फायर विभाग एक सप्ताह के भीतर एक समर्पित हेल्पलाइन और ईमेल आईडी जारी करेगा।इससे लोग अपने आसपास के उन भवनों की शिकायत कर सकेंगे,जो सुरक्षा मानकों का उल्लंघन कर रहे हैं। इन फीडबैक के आधार पर उल्लंघनकर्ताओं की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फायर ब्रिगेड की राह में बाधा बनने वाले हटेंगे चोकपॉइंट्स
अक्सर देखा गया है कि संकरी गलियों और अतिक्रमण से फायर टेंडर्स मौके पर नहीं पहुंच पाते। इसके समाधान के लिए दिल्ली पुलिस,एमसीडी और लैंड ओनिंग एजेंसियां एक एक्सेसिबिलिटी सर्वे करेंगी। इस सर्वे का मकसद उन बाधाओं को पहचानना है,जो फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का रास्ता रोकती हैं। जहां संभव होगा वहां से अतिक्रमण हटाया जाएगा और जहां रास्ता चौड़ा करना मुमकिन नहीं होगा, वहां वैकल्पिक अग्निशमन व्यवस्था की जाएगी।
मालवीय नगर हादसे के पीड़ितों के लिए कड़े निर्देश
बैठक में वर्तमान हादसे के पीड़ितों के लिए भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मृतकों की पहचान के लिए डीएनए सैंपलिंग और प्राथमिकता के आधार पर शिनाख्त की जाएगी। दूतावासों और परिजनों को सूचित कर शवों के अंतिम संस्कार या परिवहन में पूरी मदद दी जाएगी।