नई दिल्ली।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में विपक्षी दलों का गठबंधन इंडिया ब्लॉक की बड़ी बैठक हुई। बैठक में नीट परीक्षा विवाद और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग जैसे बड़े मुद्दे उठे।इस बैठक में कॉकरोच जनता पार्टी का नाम चर्चा में आया।
बता दें कि इस बैठक में सोनिया गांधी,राहुल गांधी,कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे,ममता बनर्जी,अखिलेश यादव,तेजस्वी यादव,उद्धव ठाकरे जैसे बड़े नेता मौजूद थे।निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल भी मौजूद थे। बता दें कि इन सब के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ऐलान किया है कि 11 जून को पुणे में प्रदर्शन करेंगे और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करेंगे।
क्या-क्या हुआ बैठक में
इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए।नेताओं ने तय किया कि वो चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को चिट्ठी लिखेंगे,यह चिट्ठी एसआईआर और चुनावों में कथित वोट लूट के मुद्दे पर होगी। साथ ही नेताओं ने एक और मांग रखी, इसमें नीट और सीबीएसई से जुड़े विवादों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
बैठक में सीजेपी का जिक्र कैसे आया
मामला यहीं से दिलचस्प होता है।बैठक में सिर्फ चुनावी रणनीति नहीं बनी,बल्कि कॉकरोच जनता पार्टी का भी जिक्र हुआ।कई नेताओं ने माना कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जो भी आंदोलन चल रहे हैं,उन्हें समर्थन मिलना चाहिए।
उद्धव ठाकरे ने ये कहा
शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने खास तौर पर कॉकरोच जनता पार्टी का जिक्र किया।उद्धव ने कहा कि सीजेपी के संस्थापक मराठी हैं।साथ ही यह भी कहा कि यह आंदोलन युवाओं के बीच तेजी से फैल रहा है और उनकी आवाज बन रहा है।युवाओं के अंदर जो गुस्सा और निराशा है,कॉकरोच जनता पार्टी उसे एक जगह इकट्ठा करने का काम कर रही है।
नेताओं ने और क्या महसूस किया
बैठक में मौजूद नेताओं ने यह भी माना कि इस वक्त एक ऐसी जगह बन रही है,जहां युवा अपनी बात खुलकर कह सकते हैं। नेताओं का कहना था कि कॉकरोच जनता पार्टी उसी जगह को भरने की कोशिश कर रही है।यानी जहां राजनीतिक पार्टियां युवाओं तक नहीं पहुंच पा रहीं,वहां कॉकरोच जनता पार्टी जैसे आंदोलन पहुंच रहे हैं।
क्या कोई बड़ा फैसला हुआ सीजेपी पर
बैठक में कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर कोई औपचारिक फैसला नहीं हुआ,न कोई प्रस्ताव पास हुआ, न कोई आधिकारिक बयान आया,लेकिन इतने बड़े नेताओं की बैठक में कॉकरोच जनता पार्टी का नाम आना अपने आप में एक बड़ी बात है,इससे यह साफ होता है कि यह आंदोलन अब राष्ट्रीय राजनीति में अपनी जगह बनाने लगा है।