अगर होर्मुज न खुलता तो मुश्किल में आ जाता अमेरिका,43 साल के न्यूनतम स्तर पर पहुंचा तेल भंडार


अगर होर्मुज न खुलता तो मुश्किल में आ जाता अमेरिका,43 साल के न्यूनतम स्तर पर पहुंचा तेल भंडार

मनोज बिसारिया | 19 Jun 2026

 

नई दिल्ली।अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने के लिए शांति समझौता हो चुका है।दोनों देशों में हुए शांति समझौते के बाद होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों ने आवाजाही शुरू कर दी है।इससे पूरे विश्व ने राहत की सांस ली है।होर्मुज के बंद होने से विश्व में तेल और गैस की सप्लाई बुरी तरह बाधित हुई थी।अमेरिका में भी तेल की कीमत रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी,महंगाई में काफी तेजी आई थी।अगर कुछ दिन और यही हालात रहते तो अमेरिका की हालत खराब हो सकती थी।

अमेरिका में कच्चे तेल का भंडार क्रिटिकल लेवल पर

अमेरिका में तेल का रिजर्व क्रिटिकल लेवल तक पहुंच चुका है।अमेरिका का सबसे बड़े कमर्शियल स्टोरेज हब ओकलाहामा प्रांत के कुशिंग में है।इसी के आधार पर अमेरिका में बेंचमार्क डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमत तय होती है।पिछले हफ्ते इसका लेवल 1.6 मिलियन बैरल घटकर 20 मिलियन बैरल रह गया,जो 2024 के बाद सबसे कम है। लगातार आठवे हफ्ते इसमें गिरावट आई है। इस दौरान इसमें कुल 8.3 मिलियन बैरल की कमी आई है।

कच्चे तेल का भंडार

कुशिंग में अब अमेरिका के दो दिन के क्रूड प्रोडक्शन के बराबर तेल रह गया है।अगर यह इससे नीचे गिरता है तो इससे तेल नहीं निकाला जा सकता है। यह यह 20 मिलियन बैरल से नीचे जाता है तो तकनीकी रूप से तेल निकालना मुश्किल और काफी महंगा हो जाएगा। साथ ही सतह पर पानी और मिट्टी से तेल की क्वालिटी भी खराब हो सकती है।इसके साथ ही अमेरिका का रणनीतिक तेल भंडार 1983 के बाद के न्यूनतम स्तर पर पहुंच चुका है। तेल की कीमतों को काबू में रखने के लिए अमेरिका ने 172 मिलियन बैरल तेल रिलीज किया और अब उसके पास केवल 340 मिलियन बैरल तेल रह गया है। यह 1983 के बाद इसका न्यूनतम स्तर है। आधुनिक इतिहास में यह पहला मौका है जब अमेरिका का तेल भंडार इतने निचले स्तर पर पहुंचा है।


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