लखनऊ।सूबे की राजधानी लखनऊ में 22 जून को दोपहर भीषण अग्निकांड हुआ।अलीगंज के उषा मेहता मार्ग पर एक तीन मंजिला बिल्डिंग में भीषण आग लग गई थी। बिल्डिंग में एक एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर चल रहा था,हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई,जिसमें अधिकांश छात्र थे।अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि तीन मंजिला बिल्डिंग में लगी आग में मरने वाले सभी 15 लोगों की मौत आग की लपटों से नहीं धुएं से दम घुटने से हुई।डॉक्टरों के मुताबिक मृतकों के शरीर पर ऐसी गंभीर जलने की चोटें नहीं मिलीं,जिन्हें मौत का प्रत्यक्ष कारण माना जा सके।
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक...
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक मुताबिक पोस्टमार्टम प्रक्रिया से जुड़े डॉक्टरों ने बताया कि सभी शवों की जांच में नाक के भीतर कालिख और धुएं के कण पाए गए।कई पीड़ितों के चेहरे और आंखों के आसपास सूजन भी देखी गई,जो यह संकेत देती है कि उन्होंने मौत से पहले बड़ी मात्रा में जहरीला धुआं अंदर लिया था।एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार सभी 15 लोगों की मौत धुएं के कारण हुए श्वासावरोध (एस्फिक्सिया) से हुई है।किसी भी शव पर ऐसी गहरी बाहरी चोट या गंभीर जलन नहीं मिली,जिसे सीधे मौत का कारण माना जा सके।डॉक्टरों ने अपनी यह रिपोर्ट जांच एजेंसियों को सौंप दी है।
बंद कमरों में लपटों से ज्यादा खतरनाक होता है धुआं
विशेषज्ञों के मुताबिक बंद इमारतों में लगने वाली आग अक्सर लपटों से ज्यादा धुएं और जहरीली गैसों के कारण जानलेवा साबित होती है।आग लगने के बाद कमरे या भवन के अंदर ऑक्सीजन का स्तर तेजी से गिरने लगता है,जबकि जहरीली गैसों का जमाव बढ़ जाता है,ऐसी स्थिति में फंसे लोगों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता और वे बेहोश हो जाते हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक...
डॉक्टरों के मुताबिक प्लास्टिक,फोम और अन्य सिंथेटिक पदार्थों के जलने से कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैसें निकलती हैं,यह गैस शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता को प्रभावित करती है और कुछ ही समय में व्यक्ति को बेहोश कर सकती है।यदि समय पर बचाव न हो तो मौत भी हो सकती है।
एनीमेशन सेंटर में पढ़ रहे थे छात्र
बता दें कि सोमवार दोपहर राजधानी लखनऊ के अलीगंज में एक तीन मंजिला बिल्डिंग में भीषण आग लग गई थी।इस बिल्डिंग में एक एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर चल रहा था।हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई,इसमें अधिकांश छात्र थे,जबकि कई अन्य घायल हो गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।वहीं प्रशासन ने आग लगने के कारणों और बिल्डिंग में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन की जांच शुरू कर दी है।लखनऊ विकास प्राधिकरण ने भी बिल्डिंग से जुड़े नियम उल्लंघनों को लेकर नोटिस जारी किया है।जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बिल्डिंग में पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था मौजूद थी या नहीं और कहीं सुरक्षा मानकों की अनदेखी तो नहीं की गई थी। सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है।साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश भर के शैक्षणिक संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि वे अग्नि सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं।