भारत से डिग्री पाकर अंतरराष्ट्रीय छात्रों के खिल उठे चेहरे


भारत से डिग्री पाकर अंतरराष्ट्रीय छात्रों के खिल उठे चेहरे

मनोज बिसारिया | 27 Jun 2026

 

देहरादून।उत्तरांचल विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद ऑडिटोरियम में शुक्रवार को सातवें अंतरराष्ट्रीय दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया।समारोह में 10 देशों के 35 अंतरराष्ट्रीय छात्रों को स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की डिग्रियां प्रदान की गईं।यह आयोजन उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की बढ़ती वैश्विक पहचान और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता का प्रतीक बना।

डिग्री प्राप्त करने के बाद छात्रों ने भारत में मिली शिक्षा और सांस्कृतिक अनुभवों को अपने जीवन की बड़ी उपलब्धि बताया।समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जितेंद्र जोशी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में सुशीला देवी सेंटर फॉर प्रोफेशनल स्टडीज एंड रिसर्च की उपाध्यक्ष अनुराधा जोशी मौजूद रहीं। उन्होंने छात्रों से ज्ञान,सत्यनिष्ठा और वैश्विक नागरिकता के मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।

समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कुल 10 देशों के 35 अंतरराष्ट्रीय छात्रों को स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में डिग्रियां प्रदान की गईं।लाइबेरिया,नेपाल, तंजानिया,मलावी,नाइजीरिया,जिम्बाब्वे,म्यांमार,नामीबिया, दक्षिण सूडान और स्वाजीलैंड के छात्रों ने इस समारोह में भाग लिया,जो विश्वविद्यालय की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति को दर्शाता है।इनमें से 20 छात्रों ने स्नातक और 15 छात्रों ने स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की शिक्षा प्राप्त की। इस समूह में 21 छात्र और 14  छात्राएं शामिल थे।उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नाइजीरिया के अहमद आयुबा दावा बैचलर ऑफ मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी के छात्र को शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।अपनी उपाधि और इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को प्राप्त कर अहमद आयुबा दावा ने अत्यंत प्रसन्नता और कृतज्ञता व्यक्त की और इसे अपने लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया। 

आयुबा दावा ने कहा कि भारत में प्राप्त शिक्षा उनके लिए अपने देश की स्वास्थ्य क्षेत्र में सेवा करने हेतु एक महत्वपूर्ण प्रेरणा सिद्ध होगी।आयुबा ने अपनी सफलता को आकार देने में विश्वविद्यालय के शिक्षण वातावरण की महत्वपूर्ण भूमिका को भी स्वीकार किया और कहा कि अब वे अपने ज्ञान एवं कौशल का उपयोग कर चिकित्सा क्षेत्र में अपने राष्ट्र की सेवा करने के लिए उत्सुक हैं।

केसी सयाना ने रिसर्च के साथ बैचलर ऑफ़ साइंस ऑनर्स की 4 साल की डिग्री प्राप्त की।दीक्षांत समारोह का नेतृत्व रजिस्ट्रार डॉक्टर अनुज कुमार राणा ने किया।जैसे ही गणमान्य अथितियों ने औपचारिक परिधान में सभागार में प्रवेश किया,वैदिक मंत्रों की ध्वनि से वातावरण आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गरिमा से भर गया।इस अनूठे अनुभव ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर गहरा प्रभाव डाला और उन्होंने विश्वविद्यालय में अपने अध्ययन के दौरान शैक्षणिक उत्कृष्टता और सांस्कृतिक समृद्धि के संतुलन की विशेष रूप से सराहना की। 

समारोह को संबोधित करते हुए अध्यक्ष जितेंद्र जोशी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के वैश्विक केंद्र के रूप में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा पर प्रकाश डाला।जोशी ने कहा कि भारत की प्रगतिशील शिक्षा नीतियां,अंतरराष्ट्रीय मान्यता और समावेशी शैक्षणिक वातावरण इसे विश्वभर के छात्रों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बना रहे हैं। जोशी ने कहा कि वर्तमान में विश्वविद्यालय में 17 से अधिक देशों के छात्र विभिन्न स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत हैं। 

विशिष्ट अतिथि अनुराधा जोशी ने अपने संबोधन में उत्तीर्ण हो रहे छात्रों को ज्ञान,सत्यनिष्ठा और वैश्विक नागरिकता के मूल्यों को अपनाने और आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। अनुराधा ने छात्रों को समाज के कल्याण में सार्थक योगदान देने वाले जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रोत्साहित किया। 

उत्तरांचल विश्वविद्यालय अंकिता जोशी ने छात्रों को उनकी मेहनत और धैर्य के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति विश्वास व्यक्त किया।कुलपति ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय की वार्षिक प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया और स्नातक विद्यार्थियों को शपथ दिलाई।अपने उद्बोधन में उन्होंने उल्लेख किया कि विश्वविद्यालय वर्तमान में विभिन्न विषयों में 100 से अधिक पाठ्यक्रम संचालित कर रहा है, जो बहुविषयक शिक्षा के प्रति उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ऐसी शैक्षणिक संरचना विद्यार्थियों में व्यापक दृष्टिकोण का विकास करती है तथा उन्हें निरंतर परिवर्तित होते वैश्विक परिदृश्य में आवश्यक कौशल एवं अनुकूलन क्षमता प्रदान करती है।साथ ही उन्होंने शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार एवं अनुसंधान के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट करते हुए विविध सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों हेतु एक सहायक एवं समावेशी शिक्षण वातावरण सुनिश्चित करने पर बल दिया।

समारोह का समापन उत्सवपूर्ण वातावरण में हुआ,कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग की अध्यक्ष डॉ. मधु किरोला ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया। संकाय सदस्यों और गणमान्य व्यक्तियों ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों और समाज में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। कार्यक्रम राष्ट्रगीत के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।


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