मोदी मंत्रिमंडल विस्तार में कितनी अहम रहेगी यूपी,अरुण गोविल को लेकर गरमाई चर्चा,यूपी का नहीं घटा प्रतिनिधित्व,पूर्वांचल से कौन


मोदी मंत्रिमंडल विस्तार में कितनी अहम रहेगी यूपी,अरुण गोविल को लेकर गरमाई चर्चा,यूपी का नहीं घटा प्रतिनिधित्व,पूर्वांचल से कौन

धनंजय सिंह | 27 Jun 2026

 

लखनऊ।उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होना है। विधानसभा चुनाव से पहले यूपी के कई नेताओं को मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मुलाकात की थी।इसके बाद मोदी मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा तेज हुई है।माना जा रहा है कि मोदी मंत्रिमंडल विस्तार में यूपी की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

बता दें कि भाजपा के लिए यूपी एक महत्वपूर्ण और बड़ा किला है। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को यूपी में बड़ा नुकसान झेलना पड़ा। 2019 के लोकसभा चुनाव में 62 सीटें जीतने वाली भाजपा 2024 के लोकसभा चुनाव में 33 सीटों पर सिमट गई।अब यूपी में 2027 के चुनावी रण साधने और सियासी समीकरणों को जमीन पर उतारने के लिए मोदी मंत्रिमंडल के जरिए बदलाव नजर आ सकता है।

यूपी का नहीं घटा प्रतिनिधित्व

यूपी में भले ही भाजपा का प्रदर्शन खराब हुआ,लेकिन मोदी मंत्रिमंडल में यूपी की इज्जत कम नहीं हुई।अब  2027 विधानसभा चुनाव से पहले मोदी मंत्रिमंडल में यूपी की भूमिका बढ़ सकती है।कई नेताओं को एक बार फिर मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।सबसे अधिक चर्चा अरुण गोविल की हो रही है।वहीं मोदी मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री के तौर पर शामिल पंकज चौधरी यूपी भाजपा अध्यक्ष बन चुके हैं। ऐसे में भाजपा एक नेता एक पद वाले फार्मूले के तहत पंकज चौधरी को लखनऊ शिफ्ट कर सकती है।इस हालत में यूपी के सियासत से केंद्र में सक्रिय नेताओं का मौका मिल सकता है।

जानें अभी यूपी से कितने मंत्री

लोकसभा चुनाव 2014 में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिला था।यूपी से भी 71 सीटों पर भाजपा जीत दर्ज की थी,ऐसे में यूपी के 12 सांसदों को केंद्र में मंत्री बनाया गया। हालांकि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की सीट घटने के बाद यूपी से चुनकर गए पीएम मोदी समेत 9 मंत्री केंद्र में बनाए गए। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद मोदी 3.0 में वाराणसी सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत 10 नेताओं को केंद्र में मंत्री पद मिला।

यूपी से अभी ये हैं मंत्री

नरेंद्र मोदी:वाराणसी से सांसद नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हैं।

राजनाथ सिंह:लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह केंद्र में रक्षा मंत्री हैं।

अनुप्रिया पटेल:मिर्जापुर से भाजपा की सहयोगी अपना दल एस सांसद अनुप्रिया पटेल केंद्र में राज्यमंत्री हैं।

जयंत चौधरी:भाजपा की सहयोगी राष्ट्रीय लोकदल से राज्यसभा सांसद जयंत चौधरी को केंद्रीय राज्य मंत्री हैं।

जितिन प्रसाद:पीलीभीत से सांसद जितिन प्रसाद केंद्रीय राज्य मंत्री हैं।

पंकज चौधरी:महराजगंज से सांसद पंकज चौधरी केंद्रीय राज्य मंत्री हैं।

कीर्तिवर्धन सिंह:गोंडा से सांसद कीर्तिवर्धन सिंह केंद्रीय राज्य मंत्री हैं।

एसपी सिंह बघेल:आगरा से भाजपा सांसद एसपी सिंह बघेल केंद्रीय राज्य मंत्री हैं।

कमलेश पासवान:बांसगांव से भाजपा सांसद कमलेश पास को केंद्रीय राज्य मंत्री हैं।

बीएल वर्मा:राज्यसभा सांसद बीएल वर्मा केंद्र सरकार में राज्य मंत्री हैं।

पश्चिम यूपी का बढ़ेगा प्रभाव

यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए पश्चिमी यूपी को मोदी मंत्रिमंडल में बड़ा स्थान मिल सकता है।पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पश्चिमी यूपी पर फोकस करते हुए दिखे हैं। पीएम मोदी अब तक कई कार्यक्रमों में भाग ले चुके हैं।नोएडा में सेमीकंडक्टर यूनिट,मेरठ में आरआरटीएस औल मेरठ मेट्रो, सहारनपुर में देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे के उद्घाटन में पीएम मोदी की भूमिका रही।पश्चिमी यूपी में प्रभाव बढ़ाने के लिए भाजपा लगातार प्रयासरत है।ऐसे में माना जा रहा है कि मेरठ से सांसद अरुण गोविल को मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।

अरुण गोविल क्यों हैं महत्वपूर्ण 

मेरठ से संसद अरुण गोविल लोकप्रिय धारावाहिक रामायण में  प्रभु श्रीराम का किरदार निभा चुके हैं।अरुण गोविल अपनी उस छवि को अब तक बनाए रखने में कामयाब रहे हैं। अयोध्या राम मंदिर मामला गरमाने और चंदा चोरी के मामलों से बनी स्थिति के बीच रामायण के राम को मोदी मंत्रिमंडल में जगह देकर भाजपा एक बड़ा संदेश देने की कोशिश कर सकती है। वहीं पश्चिमी यूपी को एक प्रकार से संदेश देने का प्रयास किया जाएगा।

इन नामों को लेकर चर्चा

पिछली सरकारों में मुजफ्फरनगर के पूर्व सांसद संजीव बालियान और गौतमबुद्ध नगर सांसद डॉ. महेश शर्मा तक मंत्री रह चुके हैं।मेरठ संसद अरुण गोविल के अलावा संजीव बालियान की भी चर्चा है।यूपी के पूर्व डिप्टी सीएम रहे मौजूदा राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा को लेकर भी चर्चा है।दिनेश शर्मा ब्राह्मण वोट बैंक को साधने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही ओबीसी और दलित वर्ग से एक-एक सांसद को यूपी कोटा से मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।पंकज चौधरी के मोदी मंत्रिमंडल से हटने के बाद पूर्वांचल के किसी ओबीसी नेता को मंत्री बनाए जाने की चर्चा है।


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