नई दिल्ली।स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव फिर बढ़ गया है।कुछ दिनों की शांति के बाद यह समुद्री रास्ता फिर तनाव के केंद्र में आ गया है।ताजा मामला एक भारतीय तेल टैंकर से जुड़ा है, जिसे ईरान ने होर्मुज पार करने से रोक दिया और वापस लौटा दिया।इससे पहले भारत आ रहे एलएनजी जहाज पर ड्रोन हमला हुआ था। अमेरिका-ईरान टकराव और ट्रंप के बयान ने इस अहम समुद्री रास्ते की चिंता और बढ़ा दी है।
क्यों रोका गया भारतीय टैंकर
ईरान की न्यूज एजेंसी फार्स के मुताबिक भारतीय तेल टैंकर ओमान कॉरिडोर का इस्तेमाल करते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर रहा था।इसी दौरान ईरानी सेना ने इस पर आपत्ति जताई। इसके बाद टैंकर को वहां से लौटने के लिए कहा गया।
बता दें कि 24 जून को ओमान और संयुक्त राष्ट्र की इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन ने ओमान के तट के पास जलडमरूमध्य में एक अस्थायी कॉरिडोर की घोषणा की थी।यह कॉरिडोर खाड़ी में फंसे जहाजों को निकालने के लिए बनाया गया था।इसकी देखरेख अमेरिका करेगा।
ईरान किस कॉरिडोर पर दे रहा है जोर
फार्स के मुताबिक ईरान का इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स रेडियो कम्युनिकेशन के जरिए उन जहाजों को चेतावनी देता रहता है, जो ओमान कॉरिडोर का इस्तेमाल कर रहे हैं। आईआरजीसी ऐसे जहाजों से कहता है कि वे ओमान कॉरिडोर की जगह ईरान की ओर से तय किए गए कॉरिडोर का इस्तेमाल करें।फार्स ने यह भी कहा कि बुधवार सुबह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले सभी जहाजों ने ईरान की मंजूरी वाले कॉरिडोर का ही इस्तेमाल किया।
भारत आ रहे जहाज पर ड्रोन हमला
इससे पहले मंगलवार को कतर से एलएनजी लेकर भारत आ रहे एक जहाज पर हमला हुआ था। यह जहाज गुजरात की ओर आ रहा था। होर्मुज से गुजरते समय यह ड्रोन हमले की चपेट में आ गया।जहाज पर कुल 29 क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें चार भारतीय भी शामिल थे।सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं। ड्रोन हमले के बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई थी।
सऊदी टैंकर का क्रू सुरक्षित
इसी बीच मंगलवार को सऊदी अरब के जिस टैंकर पर होर्मुज में हमला हुआ था, उसके क्रू को सुरक्षित बताया गया है। सऊदी अरब की नेशनल शिपिंग कंपनी बहरी के मुताबिक कार्गो सुरक्षित है और जहाज समुद्र में चलने लायक हालत में है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ी तनातनी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने वाडियान और दो अन्य कमर्शियल जहाजों पर हमलों के जवाब में ईरानी ठिकानों पर हवाई हमले करने की बात कही है। CENTCOM के मुताबिक 80 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया,जिनमें एयर डिफेंस सिस्टम,कमांड नेटवर्क,तटीय रडार साइटें और एंटी-शिप मिसाइल क्षमताएं शामिल थीं।इसके बाद ईरान ने बुधवार को कुवैत और बहरीन पर हमला किया। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान से तनाव और बढ़ गया। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम खत्म हो गया है और अब वह ईरान से कोई लेना-देना नहीं रखना चाहते।