नई दिल्ली।भारत के पिछले कुछ साल में पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते खराब हुए हैं।चीन के साथ छह साल पहले सीमा पर झड़प हुई थी,जबकि पाकिस्तान के साथ पिछले साल संघर्ष देखने को मिला था। बांग्लादेश के साथ भी समीकरण बदल गए हैं।चीन,पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ लगी सीमाओं पर रेलवे को अपग्रेड करने के लिए 450 अरब रुपये की एक योजना पर मोदी सरकार काम कर रही है।
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक...
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक इससे पंजाब,पश्चिम बंगाल,हिमाचल प्रदेश,राजस्थान,असम और कई पूर्वोत्तर राज्यों में नए ट्रैक,प्लेटफॉर्म बनाने और नेटवर्क को मजबूत करने में मदद मिलेगी।रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर पर अगले दो साल में होने वाल खर्च का लगभग 22 फीसदी हिस्सा सीमावर्ती राज्यों में रेल नेटवर्क को मजबूत करने पर खर्च किया जाएगा।
चीन,पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ भारत के रिश्ते ठीक नहीं
चीन,पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ भारत के रिश्ते अभी ठीक नहीं चल रहे हैं।चीन के साथ छह साल पहले सीमा पर हुई घातक झड़प के बाद रिश्तों में ठहराव की स्थिति है। पाकिस्तान के साथ भी पिछले साल झड़प हुई थी,जबकि बांग्लादेश में 2024 में हुई राजनीतिक उथल-पुथल ने दोनों देशों के रिश्तों ने तनाव पैदा किया है। रेल मंत्रालय ने इस निवेश योजना पर टिप्पणी के लिए भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं दिया।
जानें क्या होगा फायदा
इस निवेश से सीमावर्ती इलाकों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और साथ ही सेना के लिए भी आसानी होगी।हिमालय, सिलीगुड़ी कॉरिडोर और पूर्वोत्तर राज्यों में ज्यादा क्षमता वाले और हर मौसम में काम करने वाले रेल नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है।पिछले दस साल में लगभग 1,700 किलोमीटर रेल लाइनें जोड़ी हैं। साथ ही हेलीकॉप्टर और मिलिट्री एयरक्राफ्ट के इस्तेमाल के लिए एडवांस लैंडिंग ग्राउंड्स को भी फिर से चालू किया जा रहा है। इनमें से कई 1962 से बंद पड़े थे।
पीएम मोदी ने संवेदनशील इलाकों में कनेक्टिविटी को दी प्राथमिकता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संवेदनशील इलाकों में कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी है।कश्मीर घाटी में ट्रेन पहुंच चुकी है,जबकि उत्तराखंड में भी चीन सीमा के पास ट्रेन पर काम चल रहा है।साथ ही पाकिस्तान सीमा के साथ 1,450 किलोमीटर लंबी नई सड़कें बनाई जा रही हैं। साथ ही डोकलाम के पास सड़कों को अपग्रेड किया जा रहा है। डोकलाम भारतीय सीमा के पास एक ऐसा इलाका है,जिस पर चीन और भूटान दोनों अपना दावा करते हैं।
चीन की चाल
चीन ने 2017 में भारत के साथ डोकलाम को लेकर हुए मिलिट्री गतिरोध के बाद से सीमा पर अपना निर्माण कार्य तेज कर दिया है।चीन सीमा के पास एयरपोर्ट और हेलीपोर्ट जैसे दोहरे इस्तेमाल वाले इन्फ्रास्ट्रक्चर बना रहा है।इससे चीनी सेना की लॉजिस्टिक्स क्षमताएं मजबूत हुई हैं। इसके मद्देनजर अब भारत ने भी सीमा पर इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाना शुरू कर दिया है।