नई दिल्ली।केंद्र सरकार ने गुरुवार को राज्यसभा में बताया कि वर्ष 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेशी दौरों पर अब तक करीब 74.5 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने लिखित जवाब में यह भी कहा कि अप्रैल 2021 से दिसंबर 2025 के बीच भारत को 381.8 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) मिला है।
बता दें कि यह जानकारी सांसद संजय सिंह और डॉक्टर वी शिवदासन के सवाल के जवाब में दी गई।दोनों सांसदों ने 2021 से प्रधानमंत्री के देशवार विदेशी दौरों,प्रत्येक यात्रा पर हुए खर्च, द्विपक्षीय समझौतों,निवेश प्रतिबद्धताओं और इन दौरों के बाद मिले वास्तविक एफडीआई का ब्योरा मांगा था।
381.8 अरब डॉलर का एफडीआई भी आया
विदेश मंत्रालय के मुताबिक अप्रैल 2021 से दिसंबर 2025 के बीच भारत में कुल 381.8 अरब डॉलर का एफडीआई आया।सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री के उच्चस्तरीय विदेशी दौरे द्विपक्षीय,क्षेत्रीय और वैश्विक संबंधों को मजबूत करने का अहम माध्यम हैं।इन यात्राओं के दौरान हुए समझौतों ने टेक्नोलॉजी,इनोवेशन,व्यापार एवं निवेश,रक्षा, ऊर्जा सहयोग और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत किया है।हालांकि सरकार ने यह नहीं बताया कि 381.8 अरब डॉलर के कुल एफडीआई में से कितना निवेश किसी स्पेशल विदेश यात्रा, MoU या निवेश प्रतिबद्धता का डायरेक्ट परिणाम था।जवाब में केवल अप्रैल 2021 से दिसंबर 2025 के दौरान भारत में आए कुल एफडीआई का आंकड़ा दिया गया।
संसद में पेश किया गया यात्राओं का पूरा रिकॉर्ड
विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने बताया कि वर्षवार और यात्रावार खर्च के साथ-साथ विदेश दौरों के दौरान MoUs की देशवार लिस्ट भी जवाब के साथ उपलब्ध कराई गई है।
सरकार ने तुलना के लिए UPA सरकार के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की कुछ विदेश यात्राओं का खर्च भी साझा किया। मंत्रालय के मुताबिक 2011 में अमेरिका यात्रा पर 10.74 करोड़ रुपये, 2013 में रूस यात्रा पर 9.96 करोड़ रुपये, 2011 में फ्रांस यात्रा पर 8.33 करोड़ रुपये और 2013 में जर्मनी यात्रा पर 6.02 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ये वास्तविक खर्च के आंकड़े हैं और इनमें महंगाई या मुद्रा विनिमय दर के प्रभाव को शामिल नहीं किया गया है।