मिडिल ईस्ट संकट और अल नीनो से भारत की ग्रोथ पर असर, FY27 में 6.8% का अनुमान


मिडिल ईस्ट संकट और अल नीनो से भारत की ग्रोथ पर असर, FY27 में 6.8% का अनुमान

मनोज बिसारिया | 19 Aug 2026

 

 नई दिल्ली।इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने मंगलवार को अनुमान लगाया कि मौजूदा वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी ग्रोथ धीमी होकर 6.8 प्रतिशत रह जाएगी,जबकि पिछले साल यह 7.6 प्रतिशत थी।एजेंसी ने इसके लिए मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष से जुड़ी अनिश्चितता के कारण ईंधन और खाने-पीने की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी,कमजोर करेंसी और खेती पर अल-नीनो के संभावित असर जैसे जोखिमों का हवाला दिया।

कमजोर रुपया और अल नीनो से ग्रोथ पर दबाव

FY27 के लिए 6.8 प्रतिशत का जीडीपी ग्रोथ अनुमान, इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के मई में लगाए गए 6.7 प्रतिशत के अनुमान से थोड़ा ज़्यादा है।इस महीने की शुरुआत में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था का हवाला देते हुए ग्रोथ का अनुमान 6.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया था।घरेलू रेटिंग एजेंसी ने कहा है कि अब वह FY27 में कच्चे तेल की औसत कीमत $85/बैरल रहने का अनुमान लगा रही है, जबकि मई 2026 में यह $95/बैरल थी। एजेंसी को उम्मीद है कि FY27 में रुपया-डॉलर एक्सचेंज रेट औसतन ₹93.98 रहेगा, जो साल-दर-साल 6.4 प्रतिशत की गिरावट है।

फिच ग्रुप की सब्सिडियरी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च का क्या है अनुमान

 
फिच ग्रुप की सब्सिडियरी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च का अनुमान है कि फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट और एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग्स के तहत $70 बिलियन का कैपिटल फ्लो होगा। Ind-Ra ने एक बयान में कहा कि FY26 की तुलना में FY27 में जीडीपी ग्रोथ में आई सुस्ती की वजह पश्चिम एशिया में चल रहे टकराव से पैदा हुई अनिश्चितता,कमजोर करेंसी और खेती पर अल-नीनो के संभावित असर के कारण ईंधन और खाने-पीने की चीजों की कीमतों में हुई बढ़ोतरी है।

तेल सस्ता,लेकिन अल नीनो का खतरा

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के चीफ इकोनॉमिस्ट और पब्लिक फाइनेंस हेड देवेंद्र पंत ने कहा कि FY27 की जून तिमाही में इंडियन बास्केट के कच्चे तेल की कीमत औसतन $101.31 प्रति बैरल रही और अप्रैल-जुलाई 2026 के लिए यह $96.49 प्रति बैरल थी।पंत ने कहा कि FY27 के लिए कच्चे तेल की कीमत का हमारा अनुमान USD85 प्रति बैरल है। तेल की कम कीमतें ट्रेड/करंट अकाउंट डेफिसिट को कम करके भारतीय अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर डालती हैं। हालांकि अल नीनो की वजह से महंगाई बढ़ने से तेल की कम कीमतों से मिलने वाली ग्रोथ की संभावना सीमित हो सकती है।इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई औसतन 4.9 प्रतिशत रहेगी, जबकि FY26 में यह 2 प्रतिशत थी। चालू खाता घाटा के जीडीपी का 1.5 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है, जो FY26 में 0.6 प्रतिशत था।एलपीजी और फर्टिलाइजर पर सब्सिडी के कारण FY27 के लिए 4.3 प्रतिशत घाटे का लक्ष्य हासिल करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। पंत ने कहा कि जहां डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन और नॉन-टैक्स रेवेन्यू से फिस्कल डेफिसिट का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिल सकती है, वहीं इनडायरेक्ट टैक्स कलेक्शन चुनौतीपूर्ण हो सकता है।


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