नई दिल्ली।अमेरिका विश्व की सबसे बड़ी इकॉनमी है।चीन दूसरे नंबर पर है।भारत भी विश्व में सबसे तेजी से बढ़ रही बड़ी इकॉनमी है,लेकिन साउथ कोरिया की इकॉनमी चुपचाप तेजी से आगे निकल रही है।यह भारत की हर महीने एक्सपोर्ट के नए-नए रेकॉर्ड बना रहा है।विदेशी निवेशक भारत जैसे देशों से पैसा निकालकर इस साउथ कोरिया में लगा रहा है।
साउथ कोरिया का एक्सपोर्ट बढ़ रहा है लगातार
साउथ कोरिया का शेयर बाजार इस साल सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला मार्केट है।अगस्त में सउथ कोरिया का एक्सपोर्ट सालाना आधार पर 72.5 फीसदी बढ़ा।यह साउथ कोरिया के निर्यात में किसी एक महीने में सालाना आधार पर आई सबसे बड़ा उछाल है।इससे पहले जुलाई में साउथ कोरिया के एक्सपोर्ट में 63.0 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी।साउथ कोरिया के एक्सपोर्ट में लगातार 7 महीनों से सालाना आधार पर 40 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई है।
क्यों उछल रहा है एक्सपोर्ट
पूरे विश्व की कंपनियां एआई और डेटा सेंटर में भारी निवेश कर रही हैं,जिससे पूरे विश्व में सेमीकंडक्टर की मांग में भारी तेजी आई है और साउथ कोरिया इसका पूरा फायदा उठा रहा है।अगस्त में सेमीकंडक्टर का एक्सपोर्ट पिछले साल के मुकाबले 209 फीसदी बढ़कर 46.7 अरब डॉलर हो गया है।
साथ ही कंप्यूटर से जुड़े प्रोडक्ट्स की शिपमेंट में 419.0 फीसदी की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई।अगस्त में साउथ कोरिया से चीन को एक्सपोर्ट में 119.0 फीसदी,अमेरिका को 89.3 फीसदी,भारत को 47.3 फीसदी और यूरोपीय यूनियन को 14.6 फीसदी की तेजी आई। साउथ कोरिया का शेयर बाजार इस साल सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला मार्केट है। इसमें 80 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है।
एआई पर जोर
इसकी मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दौर में सेमीकंडक्टर शेयरों में आई तेजी है।देश की दो कंपनियों सैमसंग और SK Hynix का मार्केट कैप इस साल काफी तेजी से बढ़ा है।सैमसंग 1.246 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ दुनिया की 12वीं बड़ी मूल्यवान कंपनी है,जबकि SK Hynix भी 868.51 अरब डॉलर के साथ 17वें नंबर पर है।
साउथ कोरिया की इकॉनमी जहां रेकॉर्ड बना रही है, वहीं चीन की इकॉनमी कई मोर्चों पर संघर्ष कर रही है।जहां तक भारत की बात है तो उसे एआई की दौड़ में पिछड़ने का नुकसान हो रहा है।यही वजह है कि विदेशी निवेशक भारत से पैसा निकालकर साउथ कोरिया के बाजार में लगा रहा हैं क्योंकि वहां उन्हें भारी रिटर्न मिल रहा है।