ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026:भारत में तीन दिन रहेंगे पुतिन,मोदी के साथ होगी अहम बातचीत,रक्षा, ऊर्जा और यूक्रेन युद्ध पर बनेगी रणनीति


ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026:भारत में तीन दिन रहेंगे पुतिन,मोदी के साथ होगी अहम बातचीत,रक्षा, ऊर्जा और यूक्रेन युद्ध पर बनेगी रणनीति

मनोज बिसारिया | 11 Sep 2026

 

नई दिल्ली।रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तीन दिवसीय भारत दौरे पर शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचे। पुतिन की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत की मेजबानी में शनिवार से दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन शुरू होने जा रहा है। इस दौरान पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय संबंधों और व्यापार, निवेश व ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे।

बता दें कि पुतिन के साथ रूस का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब पुतिन रूस के बाहर आयोजित किसी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से हिस्सा ले रहे हैं।

ब्रिक्स सम्मेलन में किन मुद्दों पर रहेगा फोकस

भारत की मेजबानी में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में खाद्य सुरक्षा,ऊर्जा,स्वास्थ्य,आपदा जोखिम कम करने और जरूरी आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।भारत का लक्ष्य मौजूदा भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच ब्रिक्स को एक प्रभावी और मजबूत मंच के रूप में स्थापित करना है।यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों से गुजर रही है। इनमें रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया का संकट, होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की व्यापार एवं शुल्क नीतियों का असर शामिल है।

कई देशों के शीर्ष नेता होंगे शामिल

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग,ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान,दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो समेत कई देशों के शीर्ष नेता शामिल हो रहे हैं।
इसके अलावा मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, अबू धाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुंग भी सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं।

रक्षा और ऊर्जा सहयोग पर भी होगी चर्चा

विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने हवाई अड्डे पर पुतिन की अगवानी की।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और रूस के बीच लंबे समय से मजबूत और बहुआयामी संबंध हैं। दोनों देशों की साझेदारी विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी पर आधारित है।
जायसवाल ने कहा कि पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच शुक्रवार दोपहर व्यापक द्विपक्षीय वार्ता होने की उम्मीद है। इसमें रक्षा,ऊर्जा, तकनीक, दवा उद्योग और दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

ब्रह्मोस और एस-400 पर भी बातचीत संभव

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पहले कहा था कि भारत और रूस ब्रह्मोस मिसाइल के उन्नयन की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं।रूस ने भारत को बाकी एस-400 वायु रक्षा प्रणालियों की आपूर्ति पूरी करने की प्रतिबद्धता भी जताई है। इसके अलावा सुखोई-57 लड़ाकू विमानों की संभावित आपूर्ति को लेकर भी दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है।

रूसी पक्ष के मुताबिक 

रूसी पक्ष के मुताबिक भारत और रूस के ऊर्जा संबंध भी मजबूत बने हुए हैं। भारत में नए असैन्य परमाणु रिएक्टर स्थापित करने की योजना को लेकर भी दोनों देशों के बीच चर्चा होने की संभावना है।

यूक्रेन युद्ध पर भी होगी अहम चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन की बातचीत में यूक्रेन संघर्ष को भी प्रमुख स्थान मिलने की संभावना है।दोनों नेताओं ने पिछले सप्ताह बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से इतर मुलाकात की थी।इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन संघर्ष को जल्द समाप्त करने की जरूरत पर जोर दिया था। उन्होंने पुतिन से युद्ध को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह किया था।पिछले कुछ दिनों में अमेरिका समेत कई पक्षों ने रूस-यूक्रेन संघर्ष का समाधान खोजने के प्रयास फिर तेज किए हैं। ऐसे में मोदी और पुतिन की आगामी बैठक को इस मुद्दे के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


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