पारुल चौधरी 3 दिन तक दिखाएंगी एशियन गेम्स में रफ्तार की पावर,कड़े संघर्ष से बनाया मुकाम


पारुल चौधरी 3 दिन तक दिखाएंगी एशियन गेम्स में रफ्तार की पावर,कड़े संघर्ष से बनाया मुकाम

धनंजय सिंह | 26 Sep 2026

 

मेरठ।इकलौता गांव की किसान परिवार की बेटी पारूल चौधरी जापान के आइची-नागोया शहर में आयोजित हो रहे एशियन गेम्स में तीन अलग-अलग प्रतियोगिताओं में इस बार हिस्सा ले रही हैं,इससे पहले एशियाई गेम्स में अपनी मेहनत के बल पर देश का मान बड़ा चुकी हैं।

पारुल चौधरी आज शनिवार को 1500 मीटर दौड़ में भाग लेंगी,उसके बाद रविवार को भी पारुल को 3000 मीटर स्टीपल चेज में हिस्सा लेना है,उसके बाद फिर अगले दिन सोमवार 5000 मीटर दौड़ रेस में अपना दम दिखाने वाली हैं।
भारतीय समय के अनुसार शनिवार रात्रि 8 बजे पारूल चौधरी 1500 मीटर दौड़ में प्रतिभाग करने वाली हैं।

अर्जुन अवार्ड से सम्मानित पारुल चौधरी के पिता कृष्णपाल सिंह कहते हैं कि उन्हें ही नहीं,पूरे देश को पारुल पर भरोसा है।प्रत्येक खिलाड़ी का दिन होता है।एशियन गेम्स में जो भी खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं,सभी बेहद ही मेहनती हैं,उन्हें ये मालूम है कि बेटी अपनी मेहनत में कोई कमी नहीं छोड़ेगी और उम्मीद है देश के लिए पिछली बार से अच्छा परफॉर्म इस बार करेगी।

बता दें कि पारुल देश के टॉप एथलीट में गिनी जाती हैं।पारुल 2023 में चीन के हांगझोउ एशियन गेम्स में पिछली बार चीन में 5000 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल हासिल किया था।वहीं 3000 मीटर स्टीपल चेज में रजत पदक जीता था।पारुल की मेहनत और लगन के लिए 2021 में प्रदेश सरकार से रानी लक्ष्मीबाई सम्मान भी मिल चुका है।योगी सरकार ने एशियन गेम्स में देश के लिए दो मेडल लाने वाली पारुल चौधरी को डिप्टी एसपी बनाया था। 19 मई 2025 को पारुल ने मुरादाबाद जिले में डिप्टी एसपी के पद पर कार्यभार संभाला था। 

पारुल के भाई राहुल चौधरी ने कहा कि बहन बहुत मेहनती हैं, उन्हें पूरा भरोसा है कि वह फिर से देश का नाम रोशन करेंगी। राहुल चौधरी ने कहा कि पारुल बेंगलुरु में तैयारी कर रही थीं और 20 सितंबर को एशियन गेम्स में भाग लेने के लिए रवाना हुई थीं।पूरा परिवार भी ईश्वर से प्रार्थना कर रहा है कि पारुल देश का नाम रोशन करें।

 बता दें कि लगभग 3 महीने पहले ही पारुल चौधरी ने 5000 मीटर में 15:04.26 मिनट की समय अवधि में दौड़ पूरी करके राष्ट्रीय रिकार्ड बनाया था,वहीं 3000 मीटर स्टीपलचेज में 9:12.46 का उनका राष्ट्रीय रिकार्ड है,इंटर-स्टेट चैंपियनशिप में 1500 मीटर का स्वर्ण 4:20.45 के समय के साथ जीता था। 2023 के एशियाई खेलों में 5000 मीटर में स्वर्ण और 3000 मीटर स्टीपलचेज में रजत पदक अपने नाम कर चुकीं पारुल पर सभी खेल प्रेमियों की निगाहें टिकी हैं।

पारूल चौधरी की संघर्ष की कहानी किसी को भी प्रेरित कर सकती है।एक वक्त था जब वह गांव की पगडंडियों पर ही दौड़कर अपनी तैयारी किया करती थीं।बाद में गांव से हर दिन मेरठ के कैलाश प्रकाश स्टेडियम तक जाती थीं,जहां सलावा स्थित दिल्ली-देहरादून हाइवे तक उनके पिता छोड़ने जाते थे। इस दौरान वह अधिकतर पिता की साइकिल पर न बैठकर पैदल ही दौड़कर आगे-आगे चलती थीं।वहीं फिर मेरठ शहर के बेगमपुल पर जब बस से उतरती थीं तो वहां से भी कैलाश प्रकाश स्टेडियम तक ऑटो या रिक्शा में बैठकर नहीं, बल्कि पैदल ही अपना सफर तय करती थीं।


add

अपडेट न्यूज


भारत से सुपरहिट
Beautiful cake stands from Ellementry

Ellementry

© Copyright 2019 | Vanik Times. All rights reserved