कच्चे तेल की सप्लाई युद्ध पूर्व स्तर के करीब पर,कीमत अब भी $100 के पार,कहां डबल हुए डीजल के दाम


कच्चे तेल की सप्लाई युद्ध पूर्व स्तर के करीब पर,कीमत अब भी $100 के पार,कहां डबल हुए डीजल के दाम

मनोज बिसारिया | 30 Sep 2026

 

नई दिल्ली।पश्चिम एशिया से कच्चे तेल की सप्लाई युद्ध से पहले के स्तर के करीब पहुंच रही है। सऊदी अरब ने होर्मुज स्ट्रेट को बाईपास करने वाली पाइपलाइन से तेल भेजना फिर शुरू कर दिया है।हालांकि ब्रेंट क्रूड अब भी 100 डॉलर प्रति बैरल के पार बना हुआ है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक इंटरनेशनल बेंचमार्क ब्रेंट 103 डॉलर के आसपास है।दूसरी ओर अमेरिकी बेंचमार्क WTI पिछले सत्र में 3.5% गिरने के बाद 89 डॉलर प्रति बैरल की ओर फिसल गया है।इस बीच भारत की सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 30 सितंबर के पेट्रोल-डीजल के रेट जारी कर दी हैं। आज भी इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। बेंचमार्क दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये लीटर है।

इन देशों में डीजल के दाम हुए डबल

क्रूड के 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बने रहने से विश्व के कई देश पेट्रोल-डीजल की महंगाई से जूझ रहे हैं। अमेरिका और ईरान युद्ध के बाद से अबतक लेबनान और नाइजीरिया में डीजल की कीमत में 104 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। ग्लोबलपेट्रोलप्राइसेज डॉट कॉम पर दिए गए आंकड़ों के मुताबिक इंडोनेशिया पनामा, बोलीविया और ग्वाटेमाला में डीजल के दाम करीब 81 से 87 फीसदी तक बढ़ चुके हैं।

LPG गैस सिलेंडर ₹942 का, अब 1 अक्टूबर का इंतजार

पेट्रोल की बात करें तो मलेशिया में यह 72, नाइजीरिया में 65.9, फिलीपींस में 63.5, म्यांमार में 58.9 और पाकिस्तान में 51.9 प्रतिशत उछल चुका है। हालांकि इस तेजी के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल के रेट में कररीब 8 प्रतिशत तक की वृद्धि है।

सप्लाई युद्ध से पहले के स्तर का 98% पर

जेपी मॉर्गन की नताशा कानेवा की टीम के मुताबिक मिडिल ईस्ट से कच्चे तेल का निर्यात बढ़कर 17.5 मिलियन बैरल रोज हो गया है। यह युद्ध से पहले के स्तर का 98 फीसदी है। मामले से वाकिफ लोगों के मुताबिक सऊदी अरब ने ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन से सप्लाई कम से कम 3.5 मिलियन बैरल रोजाना कर दी है। यह इसकी क्षमता का करीब आधा है, लेकिन विश्व में डीजल और पेट्रोल जैसे उत्पादों की सप्लाई युद्ध से पहले के स्तर की सिर्फ 58 फीसदी है।

अमेरिका 4 करोड़ बैरल तक जारी कर सकता है तेल

अमेरिका अपने इमरजेंसी ऑयल रिजर्व से और तेल निकालेगा। इससे सप्लाई में राहत मिल सकती है, क्योंकि मध्यावधि चुनावों से दो महीने से कम समय पहले सरकार ईंधन की बढ़ती कीमतों से जूझ रही है। ऐसे में 4 करोड़ बैरल तक तेल जारी किया जा सकता है। युद्ध शुरू होने के बाद ग्लोबल रिजर्व से निकासी में अमेरिका के 17.2 करोड़ बैरल के योगदान का यह आखिरी हिस्सा होगा।

कच्चा तेल अभी भी तीसरे महीने बढ़त की राह पर

कच्चा तेल अभी भी तीसरे महीने बढ़त की राह पर है। इसकी वजह अमेरिका-ईरान तनाव, सऊदी के बाईपास रूट में पहले हुई रुकावटें और वाशिंगटन द्वारा डीजल निर्यात पर संभावित रोक है। पश्चिम एशिया में सात महीने से ज्यादा संघर्ष के बीच ब्रेंट इस साल करीब 70 फीसदी चढ़ चुका है।दूसरी ओर ओपेक के प्रमुख सदस्य इस वीकेंड होने वाली बैठक में अगले महीने के लिए कच्चे तेल उत्पादन कोटा स्थिर रखने की योजना पर टिके रह सकते हैं। दो प्रतिनिधियों के मुताबिक, सऊदी अरब और रूस के नेतृत्व वाला समूह नवंबर में लक्ष्य अपरिवर्तित रखने की मौजूदा रूपरेखा को मंजूरी दे सकता है।


add

अपडेट न्यूज


भारत से सुपरहिट
Beautiful cake stands from Ellementry

Ellementry

© Copyright 2019 | Vanik Times. All rights reserved