गंगा की लहरों में डॉल्फिन का जलवा,सुल्तानगंज से बटेश्वर स्थान तक रोमांचक नजारा


गंगा की लहरों में डॉल्फिन का जलवा,सुल्तानगंज से बटेश्वर स्थान तक रोमांचक नजारा

संध्या त्रिपाठी | 14 Oct 2026

 

भागलपुर।भागलपुर डॉल्फिन अभ्यारण क्षेत्र माना जाता है। यहां पर डॉल्फिन को अठखेलियां करते आप आसानी से देख सकते हैं।सुल्तानगंज से लेकर बटेश्वर स्थान तक डॉल्फिन की अठखेलियां आपको नजर आ जाएंगी।डॉल्फिन एक विलुप्त प्राय की जीव मानी जाती है,इसे संरक्षित करने के लिए सरकार भी प्रयास करती है।लोगों को इन जलीय जीवों के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया जाता है।गंगा का जलस्तर बढ़ते ही गंगा में डॉल्फिन की अठखेलियां लोगों को खूब भा रही है,लोग आस लगाए बैठे रहते हैं कि कब डॉल्फिन ऊपर आएगी और इसकी झलक देख पाएंगे।

कहां-कहां देख सकते हैं डॉल्फिन

बता दें कि डॉल्फिन की अठखेलियां देखना सबको पसंद होता है,ऐसे में यहां के कई ऐसे घाट हैं,जहां से आप डॉल्फिन की अठखेलियां देख सकते हैं।आप इसे सूर्योदय के समय से लेकर 10 बजे और शाम में 3 बजे के बाद अधिक देख पाएंगे। डॉल्फिन की अठखेलियां सुल्तानगंज,तिलकपुर,बूढ़ानाथ, आदमपुर,सीढ़ी घाट,बरारी घाट,बाबूपुर घाट और बटेश्वर घाट पर डॉल्फिन की अठखेलियों का आनंद ले सकते हैं।सबसे अधिक इसी जगह पर डॉल्फिन देखने को मिलती हैं।

नाव में बजर नामक एक यंत्र लगाया जाएगा

डॉल्फिन संरक्षण के लिए कई तरह के कार्य किये जा रहे हैं। वन पदाधिकारी के मुताबिक डॉल्फिन के संरक्षण के लिए हम लोग एक अलग तरीके का कार्य कर रहे हैं,जो कार्य अब तक भागलपुर में नहीं हुआ था।हम लोगों ने इसे लेकर प्रस्ताव भी विभाग को भेजा है।गंगा में चलने वाले नाव में बजर नामक एक यंत्र लगाया जाएगा,इससे डॉल्फिन के पास जैसे ही नाव पहुंचेगी वह अपने सेंसर के जरिए उसकी पहचान कर लेगा और आवाज करने लगेगा,इससे नाविक को पता चल जाएगा कि यहां डॉल्फिन है,इससे नाविक भी सचेत हो जाएगा और अपने नाव की धारा को बदल लेगा या फिर वहां से नाव को धीरे-धीरे निकाला जाएगा,इससे डॉलफिन सुरक्षित रहेंगी, उन्हें किसी तरह की हानि नहीं होगी।

210 की संख्या है डॉल्फिन

यहां 210 के आसपास डॉल्फिन हैं। 2022 की गणना के मुताबिक गंगा में 210 की संख्या में डॉल्फिन और उसके बच्चे पाए गए हैं। 2018 में संख्या करीब 178 थी,जिसके बाद बढ़कर 210 हो गई।इसके संरक्षण के दिशा में अच्छी पहल के बाद यह सम्भव हो पाया है।बता दें कि भारत का दूसरा गंगा अभ्यारण क्षेत्र भागलपुर है।

बनेगा डॉल्फिन वाचिंग सेंटर

डीएफओ आशुतोष राज के मुताबिक डॉल्फिन वाचिंग सेंटर को लेकर प्रस्ताव भेजा गया है।इसको बनने से यहां पर लोग आसानी से इसको देख पाएंगे,इसकी अठखेलियां लोगों के मन को खूब भाता है। 2 से 5 मिनट के अंतराल पर यह एक बार ऊपर आती है।अभी ताजा सर्वे फरवरी में हुआ है हालांकि उसकी रिपोर्ट नहीं आयी है अभी तक इसके आने के बाद नया आंकड़ा पता चल पाएगा,लेकिन वर्तमान में काफ(डॉलफिन का बच्चा) की संख्या में वृद्धि हुई है।


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