वाराणसी।आध्यात्मिक नगरी काशी में गंगा का तट इतिहास का साक्षी बनने जा रहा है। 22, 24 और 25 अक्टूबर को होने वाले एयर शो में लाखों आंखें गगन में भारत की ताकत को देखेंगी।इस दौरान मंच नमो घाट पर बनने वाले आठ मंचों पर काशी के 200 कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे।एयर शो की तैयारियों में सभी विभाग जुटे हुए हैं।
नमो घाट के फेज एक पर तीन,फेज दो पर दो और फेज तीन पर तीन मंच बनाए जाएंगे।इन मंचों पर आधे घंटे में तीन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एयर शो के पहले और आधे घंटे में तीन एयर शो के बाद होगी।इसमें मां गंगा,शिव पर नृत्य नाटिका आदि होगी। एयर फोर्स बैंड शो भी होगा।
एयर शो के बाद राजस्थानी,पंजाबी और बीहू डांस के कार्यक्रम की प्रस्तुति होगी।मंच भले ही दूर-दूर हों,लेकिन उनमें एकरूपता होगी।इन मंचों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। साथ ही सेना के जवान रडार,एटीसी,हाट लाइन आदि को स्थापित करने में जुटे हुए हैं।
बसंता कॉलेज के अंदर से नमो घाट फेज टू पर मिलने वाले रास्ते को तैयार कर दिया गया है।अन्य दो रास्तों का भी निर्माण तेजी से हो रहा है। राजघाट का पूरा क्षेत्र एयरफोर्स ने अपने अधीन ले लिया है। राजघाट से लेकर दशाश्वमेघ घाट तक बैरिकेड बनाया जा रहा है। एयर शो से पहले ही 25 से ज्यादा जगहों पर पीए सिस्टम (सार्वजनिक घोषणा) लगाया जा रहा है।
लोक निर्माण विभाग ने गंगा क्षेत्र में ही आपातकालीन वैकल्पिक मार्ग की तैयारी शुरू कर दी है।गंगा की लहरों के ऊपर 200 मीटर लंबा पांटून पुल आदिकेशव और नमोघाट को एक साथ जोड़ेगा। पुल निर्माण पीडब्ल्यूडी विभाग ने शुरू कर दिया है। इसके जरिए नमोघाट तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा।
वीवीआईपी की मौजूदगी में आकस्मिक परिस्थितियों में इसका उपयोग हो सकेगा।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आने की तारीख के दिन इसे सुरक्षा घेरे में रखा जाएगा। लोक निर्माण विभाग ने भी मीरजापुर से पीपा मंगाया और इससे अस्थायी पुल का निर्माण शुरू कर दिया है।हालांकि पीएम के कार्यक्रम के एक दिन पहले इस पुल का इस्तेमाल बंद होगा और यह पूरा क्षेत्र सुरक्षा के घेरे में रहेगा।