नई दिल्ली।नवरात्र घरेलू कंपनियों के लिए शानदार जा रहा है।नवरात्रि के दौरान ऑटो सेक्टर की सेल्स में बढ़त देखने को मिली है।नवरात्रि में ऑटो सेक्टर ने कुल 10.32 लाख वाहनों की बिक्री की है।फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल की समान अवधि में 10.12 लाख वाहनों की बिक्री हुई थी,इस तरह सालाना आधार पर वाहन बिक्री में 1.95 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।इस बिक्री के हिसाब से नवरात्र में हर दिन औसतन करीब 1.15 लाख वाहन बिके।यानी हर मिनट लगभग 80 और हर सेकेंड एक से ज्यादा वाहन की बिक्री हुई। वहीं पैसेंजर व्हीकल की सेल्स में तेज गिरावट भी दिखी। हालांकि एफएडीए के मुताबिक पिछले साल जीएसटी छूट का सबसे ज्यादा फायदा पैसेंजर व्हीकल सेग्मेंट ने उठाया था,जिससे पिछले साल की सेल्स काफी ऊंची दर्ज हुई थी।
दोपहिया वाहनों की बिक्री में तेजी,कारों की घटी बिक्री
नवरात्र में कुल वाहन बिक्री में दोपहिया वाहनों की सबसे बड़ी हिस्सेदारी रही,इस श्रेणी में बिक्री सालाना आधार पर 5.78 फीसदी बढ़कर 7.60 लाख यूनिट पहुंच गई।कुल बिक्री में दोपहिया वाहनों का हिस्सा करीब तीन-चौथाई रहा।इसके उलट, पैसेंजर व्हीकल यानी कारों और एसयूवी की बिक्री 13.66 फीसदी गिरकर 1.72 लाख यूनिट रह गई।प्रमुख वाहन श्रेणियों में पैसेंजर व्हीकल ही ऐसी श्रेणी रही,जिसमें दोहरे अंकों की गिरावट दर्ज की गई।इसकी एक वजह पिछले साल जीएसटी 2.0 लागू होने के बाद कीमतों में कटौती से मिली अतिरिक्त मांग भी है। उस समय बड़ी संख्या में ग्राहकों ने कम कीमतों का फायदा उठाने के लिए खरीदारी पहले ही कर ली थी,इससे इस साल तुलना के लिए सेल्स का बेस ऊंचा हो गया।
ट्रैक्टर और कमर्शियल वाहनों की बिक्री में भी बढ़ोतरी
नवरात्र में कमर्शियल वाहनों की बिक्री 14.21 फीसदी बढ़कर 34,120 यूनिट रही. ट्रैक्टर बिक्री में 8.87 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई और कुल 20,912 यूनिट की बिक्री हुई।निर्माण उपकरणों की बिक्री भी 10.86 फीसदी बढ़कर 2,185 यूनिट रही।हालांकि तीन पहिया वाहनों की बिक्री में 1.65 फीसदी की गिरावट आई और यह 43,057 यूनिट रह गई।
ऊंचे आधार के बावजूद बिक्री में वृद्धि सकारात्मक
एफएडीए के अध्यक्ष साई गिरिधर के मुताबिक बिक्री में 1.95 फीसदी की वृद्धि पहली नजर में कम लग सकती है,लेकिन पिछले साल का आधार काफी ऊंचा था।पिछले साल करीब 30 से 45 दिनों की मांग पहले ही बाजार में आ गई थी, ऐसे में इस साल नवरात्रि के दौरान बिक्री में गिरावट की आशंका के बावजूद वृद्धि दर्ज होना सकारात्मक संकेत है। पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में गिरावट को सीधे मांग में कमजोरी के तौर पर नहीं देखना चाहिए, क्योंकि जीएसटी में कटौती का सबसे ज्यादा फायदा इसी श्रेणी को मिला था।
पश्चिम बंगाल में डीलरों ने जताई मजबूत मांग की उम्मीद
पश्चिम बंगाल में वाहन डीलरों ने ग्राहकों के उत्साह को सकारात्मक बताया है।एफएडीए पश्चिम बंगाल के अध्यक्ष रोहित चौधरी ने कहा कि इस बार बिक्री वृद्धि पिछले साल के त्योहारों के मुकाबले बेहतर रही।डीलरशिप पर पर्याप्त वाहन उपलब्ध होने से मांग पूरी करने में मदद मिली। चौधरी ने कहा कि दिवाली तक बिक्री में तेजी जारी रहने की उम्मीद है।उनकी टाटा मोटर्स डीलरशिप पर इस बार दोहरे अंकों में बिक्री वृद्धि दर्ज की गई।
डीलरों के सामने स्टॉक और लागत की चुनौती
बिक्री में बढ़ोतरी के बावजूद डीलरशिप के सामने वाहनों का ऊंचा स्टॉक एक चिंता बना हुआ है।सितंबर के अंत में पैसेंजर व्हीकल डीलरों के पास करीब 45 दिनों की बिक्री के बराबर स्टॉक था, जो लगभग एक साल का उच्चतम स्तर था।
डीलरों को वाहन निर्माताओं से खरीदे गए वाहनों के लिए लिए गए कर्ज पर ब्याज देना पड़ता है,इसलिए ज्यादा स्टॉक रखने से उनकी वित्तीय लागत बढ़ती है।दूसरी ओर वाहन कंपनियां ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए छूट भी दे रही हैं,जबकि इस साल कई बार कीमतों में बढ़ोतरी हो चुकी है,इससे डीलरों के मुनाफे पर दबाव पड़ रहा है।सितंबर के दौरान पैसेंजर व्हीकल का स्टॉक करीब 33,000 यूनिट और बढ़ा।यह मुख्य रूप से कंपनियों से डीलरों को भेजे गए वाहनों और वास्तव में पंजीकृत वाहनों की संख्या के बीच का अंतर था।
डीलरों के लिए एक और चुनौती,स्टॉक में मौजूद वाहनों की उम्र
डीलरों के लिए एक और चुनौती स्टॉक में मौजूद वाहनों की उम्र है।नए मॉडल वर्ष की शुरुआत के करीब आने पर पुराने मॉडल के वाहनों को बेचने के लिए ज्यादा छूट देनी पड़ सकती है,ऐसे में अगर बिक्री की रफ्तार स्टॉक के मुकाबले धीमी रही, तो डीलरों की लागत और मुनाफे पर दबाव और बढ़ सकता है।कुल मिलाकर नवरात्रि के दौरान वाहन बिक्री में वृद्धि ने त्योहारों के मौसम में मांग के बने रहने का संकेत दिया है। हालांकि कारों की बिक्री में गिरावट और डीलरशिप पर ऊंचे स्टॉक की स्थिति पर आने वाले हफ्तों में नजर रहेगी।